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वृहद गोशाला में गाय की मौत, चार बीमार

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कानपुर देहात/रनियां। किशरवल गांव स्थित वृहद गोशाला में बदइंतजामी की सजा 123 बेजुबान भुगत रहे हैं। मंगलवार को गोशाला में एक गोवंश की मौत हो गई, जबकि बीमारी के चलते चार मवेशी मरणासन्न हैं। गोशाला में हरे चारे का अभाव है और भीषण गंदगी भी फैली है।
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सड़क पर छुट्टा घूमते गोवंशों को आश्रय देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत नगर पंचायत व गांवों में गोशालाएं स्थापित कराई हैं। गोवंशों की देखभाल के लिए हर महीने लाखों रुपये का बजट भी दिया जा रहा, लेकिन सुविधाओं के नाम पर उन्हें हरा चारा तक नहीं मिल पा रहा। रनियां क्षेत्र के किशरवल में 200 गोवंशों के लिए बनाई वृहद गोशाला में व्यवस्थाएं बदहाल हैं।
मौजूदा समय पर यहां 123 गोवंश रखे गए हैं। इनमें से अधिकांश हरा चारा न मिलने के कारण कमजोर हैं। 30 जुलाई को नबीपुर स्थित अस्थायी गोशाला से यहां लाए गए एक गोवंश की कमजोरी के चलते हालत बिगड़ गई। लोडर से उतराते समय गाय घायल हो गई और मंगलवार को उसने दम तोड़ दिया।
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बाद में पोस्टमार्टम कराकर गोवंश को दफना दिया गया। वहीं कीचड़ व जलभराव में रहने के चलते चार गोवंश बीमार पड़े हैं। पिछले दिनों हुई जोरदार बारिश के चलते गोशाला की नाद में पानी भरा है। कर्मचारी उसी मेें सूखा भूसा डाल देते हैं। जिसे गोवंश खा तक नहीं पाते।
अस्थायी गोशाला से वृहद गोशाला में शिफ्ट किए गए गोवंश जलभराव व कीचड़ में रहने के कारण कमजोर हालत मेें हैं। चार बीमार गोवंशों का इलाज किया जा रहा है। - डॉ. तेजेंदर सिंह, पशु चिकित्सक रनियां
जिन गोशालाओं मेें जलभराव व कीचड़ है, वहां की व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने के निर्देश सीवीओ को दिए हैं। किशरवल की वृहद गोशाला में बीमार मवेशियों व अन्य समस्याओं को दिखवाया जाएगा। - जितेंद्र प्रताप सिंह (जिलाधिकारी)
अस्थायी गोशाला से भेज दी मृत गाय
रनियां। किशरवल की वृहद गोशाला के सुपरवाइजर अरविंद कुमार ने बताया कि नबीपुर स्थित अस्थायी गोशाला में बारिश से भीषण जलभराव व दलदल हो गया था। जिसके चलते वहां से 36 गोवंश बीते शुक्रवार को वृहद गोशाला में भेजे गए थे। जिसमें से एक मृत गाय भी लोडर में मिली थी। अस्थायी गोशाला के केयरटेकर मृत गाय को भी जबरन वहां उतार रहे थे। कहासुनी के बाद वह मृत गाय को लोडर में लादकर चले गए।
डीएम के आदेश का नहीं हुआ पालन
रनियां। किशरवल स्थित वृहद गोशाला का डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने एक जुलाई को शुभारंभ किया था। उस दौरान डीएम ने परिसर का निरीक्षण कर हकीकत जांची थी। गोशाला के परिसर में बिछाई गई ईंट व टीनशेड में गड़बड़ी मिलने पर उन्होंने दोबारा लगवाने के निर्देश जेई विकास कुमार को दिए थे, लेकिन एक माह बीत जाने बाद स्थिति जस की तस बनी हुई है।
भूसा भंडार व टीनशेट मेें टपकता पानी
रनियां। वृहद गोशाला परिसर में भूसा भंडारण के लिए हाल बना हुआ है। पिछले दिनों हुई बारिश के चलते भंडारण कक्ष में रखी टीनशेड टपकने लगी। जिससे रखा भूसा गीला हो गया और सड़ने की कगार पर पहुंच गया है। इसी तरह जहां पर गोवंश रखे गए हैं, वहां पर लगी टीनशेड भी बारिश के पानी में टपकती है। जिससे गोवंशों का खड़े होना भी दुश्वार होता है। खामियों के बावजूद व्यवस्थाओं को नहीं सुधारा जा रहा है।
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