ज्योति हत्याकांड के आरोपियों को बड़ा झटका लगा है। अपर जिला जज प्रथम ने सफाई साक्ष्य के रूप में गवाह पेश करने की अर्जी खारिज कर अंतिम बहस के लिए 21 अगस्त की तारीख तय कर दी है। सुप्रीम कोर्ट ने चार माह में मुकदमे के निस्तारण के निर्देश दिए हैं।
विशेष लोक अभियोजक दामोदर मिश्रा ने बताया कि आरोपियों की ओर से सफाई साक्ष्य पेश करने के लिए कोर्ट में 20 गवाहों की सूची दाखिल की गई थी। चार माह में इनमें से महज तीन गवाह ही पेश किए गए। सोमवार को भी गवाह पेश न कर पाने पर अर्जी देकर मोहलत मांगी गई, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।
गवाही का मौका खत्म करते हुए अभियोजन को 21 अगस्त से बहस शुरू करने के आदेश दिए। ज्योति के पिता शंकर लाल नागदेव की ओर से आरोपी आशीष कश्यप को हाईकोर्ट से मिली जमानत खारिज करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दी गई थी।
इसमें आरोप लगाया था कि आरोपी कोर्ट में बेवजह की अर्जियां देकर मुकदमे को लंबित कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने आशीष की जमानत खारिज करने से इनकार कर दिया था, लेकिन यह आदेश भी दिया था कि मुकदमे का चार महीने में निस्तारण कर दिया जाए।
सुप्रीम कोर्ट के इसी आदेश के चलते सोमवार को मुकदमे की सुनवाई कर रहे अपर जिला जज प्रथम ने आरोपियों की अर्जी खारिज कर मुकदमे में बहस की तारीख नियत कर दी। गौरतलब है कि 27 जुलाई 2014 को ज्योति की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने ज्योति के पति पीयूष श्यामदासानी समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।