उन्नाव के शुक्लागंज के गंगाघाट कोतवाली इलाके के रश्मि लोक बंधा के छमक नाली रेल पुलिया के पास ट्रेन के आगे कूदकर जान देने वाले राजबहादुर (25) व शिवाली उर्फ अंजलि (22) आपस में ममेरे भाई-बहन हैं। दोनों में काफी दिनों से प्रेम प्रसंग चल रहा था। लेकिन भाई-बहन का रिश्ता आड़े आने से परिजनों ने शादी से इनकार कर दिया था। इससे दोनों ने जान दे दी।
कोतवाली पहुंचे शिवाली के पिता रज्जन ने बताया कि राजबहादुर उनकी सगी बहन का लड़का है। रिश्ते में दोनों भाई बहन है। घर वालों को उनके बीच प्रेम प्रेम प्रसंग की जानकारी हुई तो शादी से इनकार कर दिया गया। इसके बाद दोनों ने यह कदम उठाया। शिवाली इंटर की छात्रा थी।
वहीं, राज बहादुर के पिता पेशे से राज मिस्त्री कुंज बिहारी ने बताया कि उनके तीन बेटे हैं, जिसमें राज बहादुर दूसरे नंबर का था और शटरिंग का काम करता था। एक बेटे और दो बेटियों की शादी हो चुकी है। राजबहादुर के लिए भी लड़की देखी जा रही थी।
पिता कुंजबिहारी ने बताया कि रविवार को उनके सगे भाई शिव कुमार के बेटे हरिओम की शादी थी। पूरा परिवार वहीं पर था बेटे से बात की तो बोला शाम को आएगा। पांच बजे कहीं जाने की बात कह कर फोन काट दिया। इसके बाद सोमवार सुबह परिजनों को घटना की जानकारी हुई।
बाजार जाने की बात कहकर निकली थी युवती
शिवानी के भाई करन गौतम ने बताया कि उसकी बहन बाजार जाने की बात कहकर सोमवार की दोपहर लगभग एक बजे घर से निकली थी। शाम तक नहीं आई तो फोन मिलाया जाने लगा लेकिन फोन नहीं उठा। कुछ देर इंतजार करने के बाद फिर फोन मिलाया गया तो फोन बंद जाने लगा। इसके बाद तलाश शुरू की गई, सुबह उसकी मौत की सूचना मिली।
लोगों में ऑनर किलिंग की भी रही चर्चा
घटनास्थल के आसपास रहने वालों में ऑनर किलिंग की भी चर्चा रही। लोगों का कहना है कि प्रेमी युगल ने घर से इतनी दूर शुक्लागंज में आकर क्यों जान दी। दोनों के हाथ कपड़े से भी बंधे थे जो ट्रेन की चपेट में आने के बाद अलग-अलग हो गए। ऐसा भी हो सकता है कि किसी ट्रेन से इन्हें लाया गया और हाथ पांव बांध कर फेंक दिया गया हो।
कोतवाली में भी दोनों के परिजन आत्महत्या किए जाने की बात बार-बार कहते हुए और कोई कार्रवाई न करने की बात कहते रहे। वहीं, सीओ सिटी आशुतोष कुमार यादव ने बताया कि दोनों के परिजनों ने कोई संदेह नहीं जताया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच की जा रही है।
कई घंटे पड़े रहने से अकड़ गए थे दोनों के शव
आरपीएफ के दरोगा गुप्तार सिंह ने बताया कि प्रेमी युगल ट्रेन की चपेट में देर रात लगभग एक से दो बजे के बीच आए होंगे। तड़के 5:30 बजे सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। अब ऐसे में तीन घंटे तक दोनों के शव रेलवे ट्रैक के किनारे ही पड़े रहे, इसकी वजह से वह अकड़े थे।