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सियासी अखाड़े में धर्मांतरण का मुद्दा: अफसार के घर पहुंचे कांग्रेस-सपा के नेता, कहा- लड़ाई में देंगे साथ

Sun, 15 Aug 2021 12:31 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

चौराहे और अफसार के घर के बाहर भारी पुलिस फोर्स तैनात होने के बाद भी उन्होंने सुरक्षा का भरोसा दिया। अफसार से मिलने पहुंचे सपाइयों ने पीड़ित को आश्वासन दिया गया कि उसका केस समाजवादी अधिवक्ता सभा लड़ेगी।
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धर्म परिवर्तन प्रकरण - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर में धर्मांतरण के मामले में बर्रा के राम गोपाल चौराहे पर बुधवार को कुछ अतिवादियों द्वारा ई-रिक्शा चालक अफसार की पिटाई के मामले ने सियासी रंग ले लिया है। पिटाई से पिता को बचाते हुए उसे बेगुनाह बताती बेटी का वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला सुर्खियों में आ गया।
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हादसे से शुरू हुआ मामला छेड़छाड़ और धर्मांतरण के आरोपों तक पहुंचा। अब यह सियासी अखाड़े में बदल चुका है। अखाड़े में विरोधी दल सत्तारूढ़ पार्टी को घेरने की कोशिश में हैं। मामला इतना तूल पकड़ गया कि प्रियंका गांधी के दूत बनकर पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद शनिवार को अफसार के घर पहुंचे।

चौराहे और अफसार के घर के बाहर भारी पुलिस फोर्स तैनात होने के बाद भी उन्होंने सुरक्षा का भरोसा दिया। अफसार से मिलने पहुंचे सपाइयों ने पीड़ित को आश्वासन दिया गया कि उसका केस समाजवादी अधिवक्ता सभा लड़ेगी। मतलब साफ है कि कांग्रेस के साथ सपा ने भी मुद्दा लंबा खींचने का मन बना लिया है।
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इस सियासी अखाड़े में भीम सेना भी कूदी। पदाधिकारियों ने अफसार से मुलाकात कर लड़ाई में साथ देने का भरोसा दिया। बखेड़े के इस अखाड़े में भला भाजपा कैसे पीछे रहती। भाजपा बर्रा मंडल अध्यक्ष संजय पासवान ने एक वीडियो वायरल कर हिंदुओं के उत्पीड़न और डीसीपी साउथ पर सरकार को बदनाम करने का आरोप लगाया। इस अखाड़े में पटकनी कौन खाएगा ये तो वक्त बताएगा, लेकिन खेल जारी है। 

अफसार से मिले सलमान खुर्शीद
पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद शनिवार को अफसार के घर पहुंचे और हालचाल लिया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने उन्हें यहां भेजा है। जो भी रिपोर्ट है वह जाकर उन्हें देंगे। पार्टी आपको सुरक्षा का पूरा भरोसा देती है। इस मौके पर कांग्रेस यूपी चुनाव घोषणा पत्र समिति की सदस्य सुप्रिया श्रीनेत, रोहित चौधरी के अलावा जिलाध्यक्ष डॉ. शैलेंद्र दीक्षित, संजीव दरियाबादी सहित कई कांग्रेसी मौजूद रहे।

सपा लड़ेगी अफसार का केस
कच्ची बस्ती बर्रा-आठ के रहने वाले अफसार अहमद के घर सपा महानगर अध्यक्ष डॉ. इमरान भी पहुंचे। पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया कि उसका केस समाजवादी अधिवक्ता सभा लड़ेगी और पूरा सहयोग देगी। उन्होंने अफसार को आर्थिक मदद भी दी। इसके बाद सपाई एडीसीपी अनिल कुमार से मिले। उन्होंने बताया कि जब घटना हुई तो दो पुलिस वाले भी मौके पर थे, लेकिन वे चुपचाप खड़े रहे। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल में अधिवक्ता सभा के नगर अध्यक्ष मधु कुमार यादव, अल्पसंख्यक सभा के जमालुद्दीन जुनैदी, श्रेष्ठ गुप्त, अजय यादव, प्रकाश सिंह कुशवाहा, मुन्ना बरकाती, निखिल यादव, शकील खान आदि रहे। 

भाजपा नेता ने पुलिस पर लगाए आरोप
भाजपा के बर्रा मंडल अध्यक्ष संजय पासवान ने शनिवार को एक वीडियो वायरल कर डीसीपी साउथ पर एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाया। वीडियो में कहा कि एकपक्षीय कार्रवाई कर दंगा भड़काने का काम किया जा रहा है। पुलिस ने किशोरियों की शिकायत पर आखिर क्यों मुकदमा दर्ज नहीं किया। कहा कि मैं अफसरों से पूछना चाहता हूं कि अगर पुलिस ने घटना का संज्ञान लिया होता तो विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और हिंदू संगठनों को इस मुद्दे पर प्रदर्शन करने की आवश्यकता नहीं पड़ती। पुलिस प्रशासन सरकार के खिलाफ षड्यंत्र रच रही है।

 
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ये था प्रकरण 
पूरा प्रकरण राम गोपाल चौराहे के पास स्थित झोपड़ पट्टी से नौ जुलाई को शुरू हुआ। यहां रहने वाला ई-रिक्शा चालक मुकुल पड़ोसी सलमान के साथ रात करीब दस बजे घर लौट रहा था। तभी ई-रिक्शा पड़ोसी महिला की झोपड़ी में घुस गया। हादसे के बाद सलमान की मां की ओर से दंपती के खिलाफ मारपीट, दुष्कर्म में फंसाने, धमकी का आरोप लगा मुकदमा दर्ज कराया गया था। दूसरे पक्ष ने दो नाबालिग लड़कियों से दुष्कर्म करने के बाद धर्मांतरण कराने की धमकी का और छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। जिसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। इसके बाद बुधवार को अतिवादियों ने आरोपियों के चाचा अफसार को घर से खींचकर पीट डाला था। जिसमें छह लोगों की गिरफ्तारी भी हुई थी। बजरंगियों ने डीसीपी साउथ कार्यालय में हंगामा भी किया था। मामूली हादसे से उठा मामला धर्मांतरण तक पहुंच गया। 
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