यूपी के बड़े Contract killers में शामिल सुंदर यादव अपनी एक गलती की वजह से इटावा पुलिस के एनकाउंटर में मारा गया। उसका आसपास के जिलों में काफी आतंक था। वह सुपारी लेकर हत्याओं को भी अंजाम देता था। उसका कार्यक्षेत्र आगरा, मैनपुरी, एटा, औरैया के अलावा इटावा जिला था। उस पर हत्या लूट डकैती आदि के 18 मामले दर्ज हैं । उस पर इटावा चौबिया में दस, सिविल लाइंस में दो, कोतवाली में एक, किशनी मैनपुरी में दो, कुर्रा मैनपुरी में एक, फर्रुखाबाद में एक, मलावन एटा में एक मामला दर्ज है। उस पर पुलिस ने 15 हजार रुपये का इनाम रखा था।
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दिन ढलते ही रास्ते पर नहीं आता-जाता कोई
घटनास्थल पर पड़ी अपराधी की बाइक और तमंचे
जिस रास्ते में बदमाश सुंदर को ढेर किया गया उसी रास्ते का बदमाश अधिकतर इस्तेमाल किया करते हैं। घटनास्थल पर मौजूद जबरपुरा गांव के लोगों की मानें तो सूरज ढलने के बाद उक्त रास्ते पर कोई भी आता-जाता नहीं था। क्योंकि अक्सर इस रास्ते का प्रयोग अपराधी ही किया करते थे या फिर दोपहर के समय आसपास के ग्रामीण भी उसी रास्ते से आया-जाया करते थे। लोगों का कहना है कि इस रास्ते पर बदमाश पुलिस को आसानी से चकमा दिया करते थे।
इसी रास्ते पर आगे स्थित नगला ताल बखत्यापुर गांव वाले मार्ग से बसरेहर, चैबिया और किल्ली वाले मार्ग से इटावा व अन्हैया वाले रास्ते से ताखा ऊसराहार की ओर निकला जा सकता है। सुंदर यादव उर्फ आदेश ने भी अपने बचने और पुलिस को चकमा देने के लिए यही रास्ता चुना था। जहां पर भरथना व बकेवर थाना पुलिस के साथ स्वाट टीम ने उसे घेर लिया। खुद को घिरा देख सुंदर ने भरथना एसओ और बकेवर एसओ को मारने की नीयत से गाड़ी से फायर किया जो पुलिस की गाड़ी के आगे हिस्से में जा लगी। जिससे दोनों लोग बाल-बाल बच गए।
फायरिंग करना सुंदर को पड़ा मंहगा
अस्पताल में भर्ती घायल पुलिसकर्मी
इटावा चौबिया थाना क्षेत्र के नगला कढोरी गांव में हवाई फायरिंग करना सुंदर को मंहगा पड़ गया। फायरिंग की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और उसका पीछा किया। कंट्रोल रूम की सूचना पर भरथना, बकेवर थाना पुलिस के अलावा क्राइम ब्रांच की टीम ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया। पुलिस से अपने को घिरा देख उसने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की तो गोली लगने से सुंदर घायल हो गया। उसे जिला अस्पताल बाद में पीजीआई भेजा गया जहां उसकी मौत हो गई।
गोलियों की तड़तड़ाहट से सहमे ग्रामीण
घटनास्थल पर ग्रामीणों की भीड़
भोर के समय गोलियों की ताबड़तोड़ आवाजों से आसपास के गांव के लोग सहम गए। बाद में गोली चलने की आवाज बंद होते ही ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। सोेमवार तड़के करीब 4 से 5 बजे के बीच में जबरपुरा गांव के अंदर से होकर जाने वाला रास्ता तो अन्हैया नदी पुल, नगला ताल और मंदिर पावर हाउस के लिए जाता है।
उसी मंदिर तिराहे पर बनी पुलिया के पास अचानक ताबड़तोड़ गोलियों के चलने की आवाजें आने लगीं। जब आवाज बंद हो गई तो शौच के लिए खेतों में गए लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। जब ग्रामीणों ने पास जाकर देखा तो एक बदमाश जमीन पर गिरा पड़ा था। उसके पास में ही एक पिस्टल और कुछ दूरी पर एक तमंचा और एक बाइक मौके पर पड़ी हुई थी। मौके पर मौजूद एक दारोगा और दो सिपाही भी घायल हो गए थे।
पत्रकारों को जानकारी देते आईजी आलोक सिंह साथ में एसएसपी तथा सफलता हासिल करने वाली टीम।
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस पर अगर कोई हमला करेगा तो पुलिस भी आत्मरक्षा में गोली चलाएगी। यह बात आई जी कानपुर आलोक सिंह ने कही। वह पुलिस मुठभेड़ में शातिर अपराधी के मारे जाने के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे। इसके बाद घायल एसओ बकेवर व दोनों सिपाहियों से अस्पताल जाकर मिले और उनका हाल-चाल लिया।
इटावा सिंचाई विभाग के डाक बंगले में पत्रकारोें से वार्ता करते हुए आईजी ने कहा कि सुंदर एक पेशेवर अपराधी था। उसने पुलिस पार्टी पर फायरिंग की जवाब में पुलिस ने भी फायर किए। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। बाद में उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। सुंदर के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने से लोगों ने राहत की सांस ली है। उसके कारण क्षेत्र के लोग काफी त्रस्त थे।
सुंदर के ऊपर हत्या लूट डकैती आदि के डेढ़ दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। उन्होंने बताया कि करीब आधा घंटे से अधिक मुठभेड चली जिसमें दोनों ओर से करीब 20 से 25 राउंड फायर हुए। बताया कि वह अपने गवाहों को धमकाता था ताकि कोई उसके खिलाफ गवाही देने की हिम्मत न जुटा सके। उन्होंने बताया कि पूरे मंडल में जो भी पेशेवर अपराधी हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि कोई पुलिस पर हमला करेगा तो पुलिस भी आत्मरक्षा में कार्रवाई करने से नहीं चूकेगी। इस मौके पर एसएसपी वैभव कृ ष्ण एएसपी जितेंद्र श्रीवास्तव मौजूद रहे।