कानपुर। आयकर विभाग की नई इमारत बननी शुरू हो गई है। यह इमारत ग्रीन रेटिंग फॉर इंटीग्रेटेड हैबिटेट असेसमेंट (गृह) में चार सितारा मानकों के अनुरूप होगी। इस तरह की इमारत अभी शहर में नहीं है। इसके निर्माण में ईंट का कम से कम प्रयोग होगा।
बिजली की खपत कम करने के लिए इमारत को इस तरह डिजाइन किया गया है कि हर हिस्से में सूरज की रोशनी पहुंच सके। ढाई साल में निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
आयकर विभाग की ख्योरा बांगर स्थित 29 हजार वर्गमीटर जमीन के 10 हजार वर्गमीटर हिस्से में नई इमारत बन रही है। पिछले साल दिसंबर में वित्त मंत्रालय ने निर्माण के लिए हरी झंडी दी थी। इमारत के निर्माण में 272 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। केंद्र सरकार ने 25 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी है।
इमारत का निर्माण नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन करा रही है। आयकर भवन के रूप में दो टावर बनेंगे। एक में 15 मंजिला कार्यालय होगा। दूसरे 12 मंजिला टावर में अफसरों, कर्मचारियों के आवास होंगे। रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम व वाटर ट्रीटमेंट प्लांट भी लगाया जाएगा।
टावरों में इंटीग्रेटेड बिल्डिंग मैनेजमेंट सिस्टम (आईबीएमसी) का उपयोग किया जाएगा। इससे गर्मी के मौसम में गर्मी कम लगेगी। इमारत की छत पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे। सभी स्ट्रीट लाइट इसी से चलेंगी। इमारत की पुताई में कम वोलेटाइल आर्गेनिक कंपाउंड पेंट का इस्तेमाल किया जाएगा।
इस पेंट से अस्थमा जैसी कई अन्य बीमारियों से बचाव हो सकेगा। जमीन के बचे 19 हजार वर्गमीटर क्षेत्र के 30 फीसदी हिस्से में छोटा वन क्षेत्र बनाया जाएगा। साथ ही 200 से ज्यादा गाड़ियों की पार्किंग की व्यवस्था होगी। आयकर राजपत्रित अधिकारी संघ के महासचिव राघवेंद्र सिंह और संयुक्त सचिव शरद प्रकाश अग्रवाल ने बताया कि एक ही छत के नीचे सारे विभागों के कार्यालय होने से करदाताओं को लाभ मिलेगा।