फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

व्हाटसएप स्टेटस पर सिपाही का सुसाइड नोट: खाकी समेत लिखे इनके नाम, खोजबीन पर मिला कार में, कह रहा था ऐसी बातें

Mon, 14 Nov 2022 10:25 PM IST
आकाश दुबे माई सिटी रिपोर्टर, कानपुर

सार

इटावा के बकेवर का रहने वाला सिपाही जयवीर सिंह साढ़ थाने में तैनात था। करीब एक महीने पहले पुलिसकर्मियों से मारपीट के मामले में एसपी आउटर तेज स्वरूप सिंह ने उसको लाइन हाजिर कर दिया था। तब से वह कई तरह के विवादित व्हाट्सएप स्टेटस लगाता रहता था।
विज्ञापन
पुलिस अधिकारी के साथ मौजूद सिपाही - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पुलिस लाइन के सिपाही जयवीर सिंह ने सोमवार को व्हाट्सएप स्टेटस पर सुसाइड नोट लगाकर सनसनी मचा दी, इसके बाद तीन-चार थानों की फोर्स सक्रिय हुई। सर्विलांस की मदद से उसको ट्रेस किया गया। वह पोस्टमार्टम हाउस के सामने अपनी कार में बैठा मिला। अफसरों ने उसकी काउंसिलिंग की और हैलट के न्यूरो विभाग में भर्ती कराया। सिपाही मानसिक रूप से बीमार बताया जा रहा है। 

विज्ञापन

मूलरूप से इटावा के बकेवर का रहने वाला सिपाही जयवीर सिंह साढ़ थाने में तैनात था। करीब एक महीने पहले पुलिसकर्मियों से मारपीट के मामले में एसपी आउटर तेज स्वरूप सिंह ने उसको लाइन हाजिर कर दिया था। तब से वह कई तरह के विवादित व्हाट्सएप स्टेटस लगाता रहता था। रविवार रात को वह दरोगा अनूप सिंह को देखने के लिए सर्वोदयनगर स्थित निजी अस्पताल पहुंचा था। देर रात दरोगा की मौत हो गई थी। वह लगातार उसके परिजनों के साथ रहा। सुबह मोर्चरी भी पहुंचा था।

इसी दौरान उसने व्हाट्सएप पर सुसाइड नोट का स्टेटस लगाया। जिसमें पुलिस अफसर, इंस्पेक्टरों, महिला सिपाही व मीडियाकर्मियों के नाम लिखे थे। लिखा था कि वह डाई पीकर मरने जा रहा है। जिसके जिम्मेदार ये सभी हैं। पुलिस ने कुछ ही मिनट बाद उसको खोज निकाला। हैलट में उसका इलाज जारी है। सिपाही के भाई ने कहा कि मारपीट के मामले में जयवीर पर कार्रवाई की गई। उसको प्रताड़ित किया गया, लेकिन अन्य किसी पर कार्रवाई नहीं की गई। 
विज्ञापन

सिपाही बोला...इसलिए इनके लिखे नाम
एसीपी स्वरूपनगर ने काफी देर तक सिपाही से बातचीत की। वह बहकी बहकी बातें करता रहा। उसने कहा कि उसका मोबाइल चकेरी क्षेत्र से गायब हुआ है। इसलिए उसने चकेरी इंस्पेक्टर का नाम लिखा है। अफसर ने लाइन हाजिर किया। इसलिए एसपी का नाम लिखा। अन्य पुलिसवालों पर जातीय भेदभाव का आरोप लगाया। वहीं उसका कहना था कि मीडियाकर्मियों ने मारपीट व लाइन हाजिर की खबर लिखी, इसलिए उनके नाम उसमें लिखे। उसके परिजनों ने बताया कि ग्वालियर से भी उसका इलाज चल चुका है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें