फ्लू रोगियों की संख्या बढ़ने के साथ इनमें जटिलताएं भी बढ़ रही हैं। इनमें निमोनिया बढ़ रहा है। हैलट और उर्सला की ओपीडी में फ्लू रोगियों की संख्या सबसे अधिक रही। रोगियों की संख्या मंगलवार को दोगुनी हो गई। वहीं, चार और रोगियों की मौत हो गई।
दो रोगियों की मौत निमोनिया से और दो रोगियों की मौत हृदयाघात से हुई है। सर्दी में पुराने रोगियों को ब्रेन अटैक पड़ रहा है। नसों में सिकुड़न होने से खून का थक्का जम रहा है। निमोनिया के आधा दर्जन रोगी सेप्टीसीमिया की स्थिति में हैं।
एक्सरे जांच में रोगियों के फेफड़ों में निमोनिया के लक्षण मिल रहे हैं। साथ ही सांस में तकलीफ हो रही है। मंगलवार को स्वरूप नगर के बृजलाल (46) की निमोनिया से मौत हो गई। उनका इलाज क्षेत्र के निजी अस्पताल में चल रहा था। परिजनों ने बताया कि उन्हें एक सप्ताह से बुखार आ रहा था।
इसके बाद खांसी तेज हो गई और सांस में दिक्कत होने लगी। चकेरी के मानस (54) की मौत लाल बंगला के नर्सिंगहोम में मौत हो गई। चौबेपुर के नितेश (55) और कल्याणपुर के जगदंबा प्रसाद (70) की हार्टअटैक से मौत हो गई। दोनों को कार्डियोलॉजी लाया गया लेकिन उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
एंजाइना के लक्षण के साथ आए रोगियों को इमरजेंसी में भर्ती किया गया। हैलट इमरजेंसी में ब्रेन अटैक के चार रोगी भर्ती किए गए। सीएमओ डॉ. नैपाल सिंह का कहना है कि रोगी ठंड में एहतियात बरतें और मास्क लगाकर बाहर निकलें।