चौबेपुर (बिल्हौर)। कोरोना महामारी को लेकर लंबे समय तक चले लॉकडाउन का असर दीपावली पर्व पर नजर आ रहा है। गत वर्ष की अपेक्षा इस बार मिट्टी के दीयों की मांग कम होने से दुकानदारों में मायूसी है। विक्रेताओं की माने तो लॉकडाउन के असर के साथ ही बाजार में बड़ी मात्रा में उपलब्ध चीन निर्मित आकर्षक झालरों से भी मिट्टी के दीये की मांग प्रभावित हुई है।
दीप पर्व को मात्र तीन दिन शेष हैं, ऐसे में बाजार में मिट्टी के दीये की अपेक्षाकृत मांग न होने से विक्रेताओं में मायूसी है। क्षेत्र के मेघनीपुरवा, जगुआपुरवा निवादा, पचोर, अमिलिहा व उत्तरीपुरा इलाके के दर्जन भर से अधिक कुम्हार समाज के लोगों ने जीटी रोड किनारे दीयों के अलावा पूजन में प्रयोग होने वाले अन्य मिट्टी के बर्तनों की दुकानें सजाई हैं। कार्य से जुड़े गुलाब, संजय, बाबू, राजाराम, रमेश आदि ने बताया कि स्थानीय बाजार व आसपास के कस्बों के अलावा कल्यानपुर, रावतपुर, कन्नौज, गुरसहायगंज से लोग दीये की खरीदारी के लिए गांव आते हैं, जिसके कारण पूर्व वर्षों की भांति इस बार भी उन लोगों ने बड़ी मात्रा में दीयों व अन्य मिट्टी के बर्तनों का स्टॉक किया, लेकिन बाजार में अभी तक संतोषजनक बिक्री नहीं हो रही है। जानकारी दी कि 80 प्रति सैकड़ा की दर रखने के बावजूद दुकानों पर ग्राहकों का टोटा बना हुआ है।
कहा कि ज्यादातर लोग रस्म अदायगी के लिए ही मिट्टी के दीये खरीद रहे हैं। हालांकि, गत वर्ष की अपेक्षा इस बार चाइनीज झालरों की कीमत भी बढ़ी हुई है, बावजूद इसके लोगों का रुझान चकाचौंध से युक्त चाइनीज झालरों की ओर ही दिख रहा है।