कानपुर देहात। धनतेरस को लेकर जिले के बर्तन बाजार सज गए हैं। स्टेनलेस स्टील, अल्युमीनियम व पीतल के आकर्षक डिजाइन वाले बर्तनों से बाजार चमक उठे हैं। कोरोना के चलते बर्तन के दामों में 15 फीसदी तक तेजी दिख रही है। दुकानदारों के अनुसार, लॉकडाउन के दौरान उद्योग ठप रहने से उत्पादन नहीं हो सका, इससे बर्तनों के दाम बढ़े हैं।
धनतेरस को बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है। इससे यह पर्व बर्तन बाजार के लिए विशेष रहता है। दुकानदारों की माने तो दीपावली और धनतेरस पर जमकर बिक्री होती है। पूरे वर्ष का 70 फीसदी व्यापार धनतेरस और दीपावली पर हो जाता है। दीपावली पर बर्तनों को लोग उपहार में भी देते हैं। इसमें अकबरपुर के बर्तन बाजार में डिनर सेट, टी-सेट, आकर्षक गिलास सेट उपलब्ध हैं। इसके अलावा प्लेट, स्टील के डिब्बे, चम्मच, भगौना, कूकर, बाल्टी आदि बर्तनों का स्टाक दुकानदारों ने पर्याप्त कर लिया है। ग्रामीण क्षेत्र में पशु पालक धनतेरस पर नई बाल्टी दूध में इस्तेमाल करने के लिए लेते हैं।
ग्राहकों की पसंद बनी इलेक्ट्रॉनिक आटा चक्की
धनतेरस पर बर्तनों के साथ इलेक्ट्रानिक बाजार भी सज गया है। दुकानदारों ने ग्राहकों के बजट पर फोकस करते हुए सामान का स्टॉक किया है। इस बार बाजार में इलेक्ट्रानिक आटा चक्की काफी पसंद की जा रही है। अकबरपुर कस्बे के दुकानदार ऋषि गुप्ता ने बताया कि इलेक्ट्रानिक आटा चक्की एक यूनिट बिजली खर्च करके 12 किलोग्राम आटा तैयार करती है। इसे तैयार करने में एक घंटे का समय लगता है। कोराना कॉल में लॉकडाउन के बाद इसकी मांग बढ़ गई थी। इसे लोग खूब पसंद कर रहे हैं। वैसे तो इसकी करीब कीमत 16 हजार रुपये है। धनतेरस पर छूट के चलते 14 हजार में उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि इसकी विशेषता है कि एक किलोवाट के इनवर्टर से संचालित हो जाती है। बाजार में नामी कंपनियों के एलईडी टीवी, वाशिंग मशीन, जूसर मिक्सर आदि का पर्याप्त स्टाक है। ग्राहक कम दामों में अपने बजट के अनुसार सामान खरीद करना चाहेंगे तो उन्हें मिल जाएगा।
फिलहाल तैयारी पूरी करके दुकानदार ग्राहकों का इंतजार कर रहे हैं। धनतेरस पर बिक्री होने की उम्मीद है। अकबरपुर के अलावा पुखरायां बड़ी मंडी है। इसके साथ रनियां, रसूलाबाद, झींझक, रूरा, डेरापुर, सिकंदरा, राजपुर आदि कस्बाई इलाकों में दुकानदार धनतेरस की तैयारी पूरी करके ग्राहकों के इंतजार हैं।