फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बाल विवाह में खाना खाने पहुंचे जनाती-बाराती हो जाएं सावधान!

Thu, 10 May 2018 09:14 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
1 of 4
टीवी सीरियल का एक दृश्य
बाल विवाह में शामिल दोनों पक्षों के परिवार, रिश्तेदार, धर्म गुरु जो विवाह संपन्न करा रहे हैं, खाना बनाने व टेंट वाले सभी बालिग व्यक्ति जो विवाह में शामिल हैं, वह भी अपराधी माने जाएंगे। बाल विवाह कराने वाले व उसमें शामिल होने वाले सभी व्यक्तियों को 2 साल तक का कठोर कारावास या 1 लाख रुपये का जुर्माना या दोनों भी हो सकता है।
बाल विवाह में शामिल होने वाली महिलाओं को कठोर कारावास की सजा का प्रावधान नहीं है, लेकिन उनसे जुर्माना वसूला जा सकता है। बाल विवाह अगर हो गया तो भी उसे शून्य करण या खत्म कराया जा सकता है।
विज्ञापन

2 of 4
बाल विवाह संगोष्ठी में उपस्थित अतिथि
इटावा में बाल विवाह रोकने के लिए कस्तूरबा गॉधी आवासीय बालिका विद्यालय में इंडियाज डॉटर्स कैंपेन संस्था की ओर से गुरुवार को संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमेें बाल विवाह, दहेज प्रथा व भ्रूण हत्या के विरोध में चर्चा की गई। मुख्य अतिथि रेलवे चौकी के प्रभारी सुशील कुमार तथा मेवाती टोला की सभासद यास्मीन ने मॉ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर शुभारंभ किया।

 
विज्ञापन

3 of 4
संगोष्ठी में शामिल विद्यालय की छात्राएं। 
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी सिंह के निर्देशन में जिला समन्वयक बालिका शिक्षा अर्चना सिन्हा ने कार्यक्त्रस्म का आयोजन किया। इस मौके  पर कस्तूरबा की छात्राओं एवं उनके अभिभावकों को बाल विवाह से संबंधित जानकारियां दी गईं। लड़की की उम्र 18 वर्ष और लड़के की उम्र 21 वर्ष से कम है तो ऐसा विवाह होगा। 
 
विज्ञापन

4 of 4
डेमो पिक
चौकी प्रभारी सुशील कुमार ने बालिकाओं व अभिभावकों एवं कार्यरत वार्डन व शिक्षिकाओं से कहा कि किसी को भी बच्चे का बाल विवाह होने का पता चलता है तो उसकी जिम्मेदारी बनती है कि वह 1098 चाइल्ड लाइन या 100 नंबर पर फोन करके, जिले के बाल विवाह निषेध अधिकारी या नजदीकी थाने में इसकी सूचना जरूर दें। इस सूचना को गुप्त रखा तो सूचना नहीं देने वाले को भी सजा या जुर्माना हो सकता है।  
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें