मेडिक परीक्षण में हुई थी दुष्कर्म की पुष्टि
इस पर आरोपी पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देते हुए भाग निकला। घर आकर बेटी ने मां को आपबीती बताई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया, जिसमें दुष्कर्म की पुष्टि हुई। इस पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
मामले में सात गवाह हुए थे पेश
मामले की विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। मुकदमा की सुनवाई विशेष न्यायाधीश एससीएसटी अनु सक्सेना की अदालत में चल रही थी। विशेष लोक अभियोजक विमल सिंह और महेंद्र कुमार द्विवेदी ने सात गवाह पेश किए।
10 साल का कारावास और 20 हजार का अर्थदंड
दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने अपने 23 पेज के फैसले में भूरा सिंह को दोषी करार दिया। उसे 10 साल के सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। जज ने जुर्माना की आधी धनराशि पीड़िता की मां को देने का आदेश दिया है।