चार सितंबर 2019 को दाखिल किया आरोप पत्र
हालत में सुधार होने पर जेल भेजा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म और गला घोंटकर हत्या की पुष्टि हुई। बच्ची की मां की तहरीर पर पुलिस ने अपहरण, हत्या, दुष्कर्म और शव छिपाने का मुकदमा दर्ज किया था। कोर्ट में चार सितंबर 2019 को पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया।
14 गवाह और साक्ष्यों से मिली सजा
आरोपी नशेड़ी प्रवृत्ति का है। सहायक शासकीय अधिवक्ता धर्मेंद्र उत्तम और पैरवी पक्ष के अधिवक्ता राजेश यादव ने बताया कि कोर्ट में 14 गवाह और वैज्ञानिक साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। साक्ष्यों के आधार पर न्यायाधीश मोहम्मद अहमद खान ने फारूख को मृत्युदंड की सजा सुनाई है।
फैसले पर कोर्ट ने कहा कि फांसी पर लटका कर मृत्युदंड दिया जाए, लेकिन हाईकोर्ट इलाहाबाद की पुष्टि के बाद सजा हो। आदेश के विरुद्ध 30 दिन तक हाईकोर्ट में आरोपी अपील कर सकता है। उसे निशुल्क अधिवक्ता की सुविधा भी दी जाए।