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Fatehpur: बच्ची से दुष्कर्म और हत्या का मामला, कोर्ट ने दोषी को सुनाई फांसी की सजा, 45 हजार का अर्थदंड भी

Tue, 31 Jan 2023 06:52 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर

सार

सदर कोतवाली क्षेत्र में नौ जुलाई 2019 में बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले में कोर्ट ने दोषी को मृत्युदंड दिया है। साथ ही, 45 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। वहीं, हाईकोर्ट में 30 दिन तक अपील करने की मोहलत दी गई है।
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आरोपी फारूख - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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फतेहपुर जिले में आठ साल की बच्ची से दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या के मामले में कोर्ट ने दोषी को फांसी की सजा सुनाई है। कोर्ट ने हाईकोर्ट में अपील के लिए 30 दिन का समय दिया है। इसके बाद फांसी का समय निश्चित करने की बात कही है। दोषी पर 45 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।

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सदर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली आठ साल की बच्ची नौ जुलाई 2019 को घर के बाहर खेल रही थी। पड़ोसी फारूख बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया था। काफी देर तक घर नहीं आई तो परिजन खोजबीन में जुटे। साथ में खेलने वाले बच्चों ने बच्ची को फारूख के साथ देखने की बात कही।
परिजनों ने फारूख की तलाश चालू की। ग्रामीणों ने फारूख को एक बोरी गांव के बाहर लेकर जाते समय पकड़ लिया था। बोरी के अंदर से बच्ची का शव मिलने पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा था। सूचना पर पुलिस पहुंची थी। पुलिस ने घायल हालत में फारूख को जिला अस्पताल में भर्ती कराया।

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चार सितंबर 2019 को दाखिल किया आरोप पत्र
हालत में सुधार होने पर जेल भेजा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म और गला घोंटकर हत्या की पुष्टि हुई। बच्ची की मां की तहरीर पर पुलिस ने अपहरण, हत्या, दुष्कर्म और शव छिपाने का मुकदमा दर्ज किया था। कोर्ट में चार सितंबर 2019 को पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया।

14 गवाह और साक्ष्यों से मिली सजा
आरोपी नशेड़ी प्रवृत्ति का है। सहायक शासकीय अधिवक्ता धर्मेंद्र उत्तम और पैरवी पक्ष के अधिवक्ता राजेश यादव ने बताया कि कोर्ट में 14 गवाह और वैज्ञानिक साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। साक्ष्यों के आधार पर न्यायाधीश मोहम्मद अहमद खान ने फारूख को मृत्युदंड की सजा सुनाई है।
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फैसले पर कोर्ट ने कहा कि फांसी पर लटका कर मृत्युदंड दिया जाए, लेकिन हाईकोर्ट इलाहाबाद की पुष्टि के बाद सजा हो। आदेश के विरुद्ध 30 दिन तक हाईकोर्ट में आरोपी अपील कर सकता है। उसे निशुल्क अधिवक्ता की सुविधा भी दी जाए।
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