इलाज के दौरान थानाध्यक्ष की लोहिया अस्पताल में मौत हो गई थी। रामराज यादव कौशांबी के करारी थानाक्षेत्र के इशहाकपुर पथरा गांव के रहने वाले थे। तिर्वा थाने के सिपाही मुन्ना ने बदमाशों के खिलाफ शमसाबाद थाने में रिपोर्ट कराई थी। शमसाबाद थाना क्षेत्र के गांव मुरैठी निवासी राजीव यादव, पप्पू, बबलू उर्फ वीरपाल, सर्वेश, कायमगंज कोतवाली के गांव ज्योता निवासी भीमसेन उर्फ भीमा के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। कायमगंज के गांव अलादादपुर निवासी सुग्रीव के खिलाफ फरारी में आरोप पत्र दाखिल किया गया था। सुग्रीव भी बाद में मुठभेड़ में मारा गया था।
पांच बदमाशों के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा चला। 18 गवाहों में से 11 की गवाही कराई गई। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता हरनाथ सिह, केके पांडेय, अखिलेश कुमार, संजीव कुमार ने दलीलें पेश कीं। बुधवार को राजीव यादव, पप्पू, बबलू उर्फ वीरपाल, सर्वेश कुमार कोर्ट में उपस्थित हुए। भीमसेन उर्फ भीमा दूसरे मुकदमे में जेल में बंद है।