कानपुर: अपार्टमेंट से गिरकर किशोरी की मौत का मामला
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कानपुर के कल्याणपुर में दुष्कर्म के बाद युवती की हत्या के मामले की जांच तीसरी बार बदली गई है। अब एडीसीपी लाइन बसंत लाल ने केस की विवेचना शुरू की है। फोरेंसिक लैब को रिमाइंडर भेजकर रिपोर्ट जल्द से जल्द मांगी गई है।
दो सप्ताह के भीतर पुलिस मामले में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है। काफी हद तक जांच पूरी हो चुकी है। इलेक्ट्रॉनिक व वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं। गुलमोहर अपार्टमेंट निवासी मॉडल डेयरी मालिक प्रतीक वैश्य 22 सितंबर की शाम को अपनी 19 वर्षीय पीए को फ्लैट पर ले गया था।
दसवीं मंजिल पर स्थित फ्लैट में उसके साथ दुष्कर्म करने के बाद बालकनी से नीचे फेंककर उसकी हत्या कर दी थी। पुलिस इस तथ्य का खुलासा कर आरोपी को जेल भेज चुकी है। तब इंस्पेक्टर वीर सिंह ने केस की विवेचना शुरू की थी।
पीड़ित परिवार की वकील सीमा समृद्घि कुशवाहा ने पुलिस की कार्रवाई व जांच पर तमाम सवाल उठाए थे। जिसके बाद पुलिस कमिश्नर ने एडीसीपी पश्चिम बृजेश श्रीवास्तव को विवेचक बनाया था। तभी 27 सितंबर को मनीष गुप्ता हत्याकांड हुआ और शासन के आदेश पर एसआईटी गठित हुई।
जिसमें बृजेश श्रीवास्तव को विवेचक बनाया गया। इसलिए पुलिस कमिश्नर ने दुष्कर्म और हत्या के केस की विवेचना एडीसीपी लाइन बसंत लाल को सौंप दी है। डीसीपी पश्चिम बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि क्राइम सीन रिक्रिएट के लिए भी जल्द रिमाइंडर लखनऊ एफएसएल को भेजा जाएगा। जिससे पूरी कार्रवाई कर चार्जशीट लगाई जा सके।