कानपुर के कैंट थाना क्षेत्र में कुछ शोहदे तीन किशोरियों पर रोजाना अभद्र टिप्पणी कर रहे थे। विरोध करने पर उनके परिवार को घर में घुसकर मारापीटा था। कैंट पुलिस ने पहले तो उनकी पीड़ा को अनसुना कर दिया। सोमवार को जब तीनों बहनें सीपी से मिलीं थीं तो एफआईआर के निर्देश दिए गए। मंगलवार को कैंट पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने में ही खेल करना चाहा।
कार्रवाई के बजाय पीड़ित की तहरीर बदलवाने की कोशिश की। तहरीर में सिर्फ मारपीट का जिक्र करते हुए छेड़छाड़ की बात नहीं लिखने को कहा। इसपर किशोरियों के पिता ने तहरीर लिखने से ही मना कर दिया। मामला ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आनंद प्रकाश तिवारी तक पहुंचा तो उन्होंने थानेदार को फटकार लगाई। इसके बाद पुलिस ने 13 लोगों के खिलाफ छेड़छाड़, घर में घुसकर मारपीट समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की।
किशोरी के पिता ने बताया कि मंगलवार को पुलिस ने कहा कि यदि तहरीर में छेड़छाड़ की बात लिखोगे तो नहीं लेंगे। वर्ना चले जाओ। इसपर वह लौट आए। मामला जेसीपी के संज्ञान में आने के बाद उन्होंने थाना प्रभारी अर्चना सिंह को फटकार लगाई, जिसके बाद पुलिस ने मुकेश, पवन, अर्पित, आशीष, चींटा, अभिषेक, रामचंद्र, संतोष, राजू समेत 13 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। एडीसीपी ईस्ट शिवा सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। शोहदों पर लगाम कसने के लिए मोहल्ले में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है। वहीं, थाना प्रभारी अर्चना सिंह का कहना है कि सुबह ही रिपोर्ट दर्ज कर ली गई थी। तहरीर बदलवाने की बात गलत है।