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जेवर गायब होने का मामला: बैंक अधिकारियों के इशारे पर तकनीशियन ने तोड़े थे आठ लॉकर, पूछताछ में बड़ा खुलासा

Wed, 24 Aug 2022 02:35 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

अजय ने बैंक अधिकारियों पर बिना प्रोटोकॉल का पालन किए हुए ही लॉकरों को तोड़ने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इसके लिए एक कमेटी होती है, जिसमें वकील, सोशल वर्कर, एक स्वतंत्र गवाह आदि मौजूद रहते हैं।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : pixabay
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विस्तार
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कानपुर में किदवई नगर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के लॉकर से 20 लाख रुपये के जेवरात गायब होने के मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने मंगलवार को लॉकर तकनीशियन को बुलाकर पूछताछ की तो उसने कबूला कि बीते साल बैंक के ही बुलाने पर उसने तीन बार लॉकर रूम में जाकर सात-आठ लॉकरों को तोड़ा था।
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तकनीशियन के इस खुलासे के बाद बैंक के अधिकारी भी अब पुलिस के रडार पर हैं। पुलिस उनसे भी पूछताछ करेगी। किदवई नगर निवासी अजय गुप्ता के बैंक लॉकर से 20 लाख के जेवरात गायब हो गए थे। बैंक की तरफ से संतोषजनक जवाब न मिलने पर उन्होंने इस संबंध में पुलिस कमिश्नर से शिकायत की थी।

अधिकारी ने किदवई नगर पुलिस को जांच के आदेश दिए। इसी क्रम में किदवई नगर पुलिस ने मंगलवार को बैंक ऑफ बड़ौदा के लॉकर तकनीशियन से पूछताछ की। इसके बाद पीड़ित अजय गुप्ता को थाने में पूछताछ के लिए बुलाया गया। किदवई नगर इंस्पेक्टर सुभाष चंद्र के अनुसार तकनीशियन ने काफी महत्वपूर्ण जानकारी दी हैं। बैंक अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है। उनसे भी पूछताछ की जाएगी।
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एक माह में ही तोड़े गए सभी लॉकर 
अजय गुप्ता ने पुलिस को बताया कि 10 सितंबर 2021 से 10 अक्टूबर 2021 के बीच उनके परिवार के लोगों ने लॉकर को ऑपरेट किया था। इसे लेकर तकनीशियन से पूछताछ की गई तो उसने पुलिस को बताया कि इसी समय अवधि में बैंक अधिकारियों के निर्देश पर तीन बार लॉकर रूम में जाकर सात-आठ पुराने लॉकरों को तोड़ा था। 

बिना प्रोटोकॉल के तोड़े गए लॉकर 
अजय ने बैंक अधिकारियों पर बिना प्रोटोकॉल का पालन किए हुए ही लॉकरों को तोड़ने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इसके लिए एक कमेटी होती है, जिसमें वकील, सोशल वर्कर, एक स्वतंत्र गवाह आदि मौजूद रहते हैं। कमेटी के सामने लॉकर तोड़ने की कार्रवाई की जाती है मगर यहां ऐसा नहीं किया गया।
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