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मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के 258 अपात्रों को पात्र बनाने का मामला, अफसरों ने कर दी लीपापोती

Fri, 22 Oct 2021 01:13 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना - फोटो : अमर उजाला
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मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना में 258 अपात्रों को पा्र बनाने वाले भ्रष्ट अफसरों और कर्मियों पर कार्रवाई के नाम पर प्रशासनिक अफसरों ने लीपापोती कर दी। किसी को प्रतिकूल प्रविष्टि (बैड एंट्री) दी तो किसी को महज नोटिस थमाकर उनके हौसले बुलंद कर दिए।
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सदर तहसील में तो एक संविदा कर्मचारी कंप्यूटर ऑपरेटर देवेंद्र यादव को हटाने पर भी एसडीएम दीपक पाल को कई बार सोचना पड़ा। हालांकि, देर शाम तक किरकिरी होने पर एफआईआर कराने के आदेश दिए। देररात उसके खिलाफ कोतवाली थाने में धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई।

यह कार्रवाई डीएम विशाख जी के सख्त रुख और उनके दो बार कहने के बाद हुई है। समझा जा सकता है कि जिले की तहसीलों और ब्लॉकों में तैनात प्रशासनिक अमला कितना ढीठ हो गया है। कन्या सुमंगला योजना वर्ष 2019 में शुरू हुई थी। यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ड्रीएम प्रोजेक्ट है।
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इन्हें दी गई प्रतिकूल प्रविष्टि
सरसौल ब्लॉक के ग्राम विकास अधिकारी साबिर अली, राहुल देव मिश्रा, ग्राम पंचायत अधिकारी ओंकारनाथ, पिंकी कुशवाहा, सुश्री शुक्ला, बिधनू ब्लॉक के ग्राम विकास अधिकारी जितेंद्र मिश्रा, पुनीत मिश्रा, अनिल कुमार शुक्ला, चौबेपुर ब्लॉक के ग्राम विकास अधिकारी अमित कटियार, महेंद्र गौतम, विनय पटेल, अनिल कुमार श्रीवास्तव, आकांक्षा, प्रशांत बाजपेई, अर्पित बाजपेई, अरविंद पाल, सलोनी कुशवाहा, अनुष्का राव, पतारा ब्लॉक के ग्राम विकास अधिकारी अखिलेश त्रिपाठी, चौबेपुर के ग्राम विकास अधिकारी शिवेंद्र, सत्येंद्र सोनकर, संजय मिश्रा, कल्याणपुर ब्लॉक के ग्राम विकास अधिकारी शिवेंद्र त्रिवेदी, सत्येंद्र सोनकर, संजय मिश्रा और रीता बाजपेई।

इन्हें नोटिस व विभागीय कार्रवाई
बिल्हौर के राजस्व निरीक्षक सुभाष वर्मा, लक्ष्मी बाजपेई और महेंद्र कुमार।

सदर में तो हद हो गई 
सदर तहसील में तो कार्रवाई के नाम पर एसडीएम ने हद कर दी थी। संविदा कर्मी कंप्यूटर ऑपरेटर देवेंद्र यादव को दोषी माना पर डीएम को भेजी रिपोर्ट में कार्रवाई के नाम पर उसका सिर्फ कार्यक्षेत्र बदला। जबकि, देवेंद्र को चार माह पहले ही एसडीएम कार्यालय से हटाकर आईजीआरएस पटल पर भेज दिया गया था। बुधवार तक वह अपना काम करता रहा। डीएम के हस्तक्षेप के बाद एफआईआर दर्ज कराई गई।
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