यतीमखाना में रहने वाले एक युवक की इलाज के दौरान मौत पर विवाद खड़ा हो गया है। बच्चों ने प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। इस मामले में पुलिस से शिकायत होने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजावाया गया है।
कानपुर के एक यतीमखाना में रहने वाले मो. आदिल (22) की शनिवार सुबह चुन्नीगंज अपोलो अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। यतीमखाना की वार्डेन ने पुलिस से आदिल की मौत प्रबंधन की लापरवाही से होने की शिकायत की।
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इस पर पुलिस ने दफनाने की रस्म के बीच पहुंच कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। पुलिस के अनुसार लावारिस आदिल को 2006 में यतीमखाना में दाखिल कराया गया था। वह टीबी, एक्जिमा व मिर्गी से ग्रसित था। तबीयत बिगड़ने पर उसे 11 मई को अपोला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
शनिवार सुबह डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यतीमखाना प्रबंधन शव को दफनाने के लिए कब्रिस्तान ले गया। तभी 112 पर हुई शिकायत व सोशल मीडिया पर मैसेज वायरल होने पर पुलिस कमिश्नर के आदेश पर पहुंची कर्नलगंज पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। यतीमखाना की वार्डेन नाजिश सिद्दीकी ने कर्नलगंज पुलिस को प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगा तहरीर दी है।
वहीं, यतीमखाना के महासचिव अख्तर हुसैन अख्तर के अनुसार आरोप निराधार हैं। यतीमखाना को बदनाम करने के लिए शव के पोस्टमार्टम का दबाव बनवाया गया है। कर्नलगंज इंस्पेक्टर के अनुसार प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप है। तहरीर की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।