अनुराग चंदेल और तान्या उर्फ ज्योति की फाइल फोटो
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लखनऊ-कानपुर हाईवे पर तेज रफ्तार टूरिस्ट बस ने कानपुर से लखनऊ जा रहे बाइक सवार बैंककर्मी और उसकी सहकर्मी युवती को रौंद दिया। मौके पर दोनों की मौत हो गई। उन्नाव सड़क हादसे में जान गंवाने वाले अनुराग चंदेल पर पूरे परिवार का खर्च उठाने की जिम्मेदारी थी।
उनकी मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया। मां किरन, पिता करन सिंह और छोटे भाई आर्यन व बहन दीक्षा का रोरोकर बुरा हाल है। मां ढांढस बंधाने आने वाले लोगों से पूछती रहीं कि भगवान ने उनके परिवार का सहारा क्यों छीन लिया...।
अनुराग पूर्व में कल्याणपुर लखनपुर हाउसिंग सोसाइटी में अपने चाचा दीपू के पास परिवार के साथ रहते थे। इस बीच, पिता करन सिंह को लकवा मारने के बाद से वह बिस्तर पर थे। घर में सबसे बड़ा होने के चलते अनुराग पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी आ गई। बीए की पढ़ाई के बाद ही करीब डेढ़ साल पहले उन्होंने एक्सिस बैंक में नौकरी शुरू की थी। इसके बाद सनिगवां में एक कॉलोनी खरीदकर पूरा परिवार शिफ्ट किया था।