बांदा जिले में अनजाने में दूसरी बाइक उठा ले जाने पर कोतवाली पुलिस द्वारा युवक को पीटकर धारा 151 में चालान कर देना कोतवाली पुलिस को महंगा साबित हुआ। क्षेत्रीय विधायक के हस्तक्षेप से दो दरोगा और कांस्टेबल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर निलंबित कर दिया गया, जबकि कोतवाली प्रभारी, एक दरोगा और एक कांस्टेबल को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
कोतवाली क्षेत्र के आलमपुर गांव के मनीष कुमार गौतम ने दी तहरीर में बताया कि उसका मित्र मनीष कुमार 15 अगस्त को बहन की तबीयत खराब होने की सूचना पर जीजा की बाइक से उमरहनी गांव जा रहा था। रास्ते में पान की गुमटी में बाइक खड़ी कर अपनी बाइक से बबेरू सीएचसी आया और बहन को भर्ती कराया।
यहां से बहन को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। मनीष ने गुमटी में खड़ी बाइक लेने के लिए अपने एक मित्र को भेजा। मित्र धोखे में गुमटी में खड़ी दूसरी बाइक उठा लाया। दो दिन बाद लौटे मनीष ने देखा तो कहा कि यह बाइक उसकी नहीं है।