टाटमिल पर हुए ई बस हादसे में छह की जान लेने के मामले में बस चालक, कंडक्टर, कंपनी के जिम्मेदार अधिकारी के अलावा कुछ पुलिसकर्मी दोषी पाए गए हैं। इन सभी के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य जांच कमेटी ने जुटाए हैं। जांच रिपोर्ट लगभग तैयार है।
शुक्रवार तक शासन को रिपोर्ट सौंपी जा सकती है। शासन इस रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर कार्रवाई करेगा। रविवार रात ई-बस ने 15 लोगों को रौंद दिया था। जिनमें से छह की मौत हो गई थी। शासन ने नगर विकास सचिव अनिल कुमार की अध्यक्षता में जांच कमेटी का गठन किया था।
एडीजी जोन भानु भास्कर भी कमेटी के सदस्य हैं। सूत्रों के मुताबिक जांच में बस चालक सतेंद्र सिंह यादव, कंडक्टर आलोक, बस कंपनी के कुछ कर्मचारी व टाटमिल चौराहे के पास मौजूद पुलिसकर्मी दोषी पाए गए हैं।
सब पर अलग-अलग तरह के आरोप व उनकी लापरवाही पाई गई है। उसी आधार पर उनको दोषी पाया गया है। जांच रिपोर्ट सौंपने के बाद दोषियों के नाम सार्वजनिक किए जाएंगे।
कइयों पर गिरेगी गाज
बस चालक नशेबाजी की वजह से दोषी पाया गया है। कंडक्टर आलोक काफी दिनों से सतेंद्र के साथ बस पर चल रहा था लेकिन उसने पहले कभी संबंधित अधिकारी को जानकारी नहीं दी कि सतेंद्र शराब पीकर बस चलाता है। इसलिए उसको भी दोषी बनाया गया है।
नियमों को ताक पर रखकर चालक रखे गए हैं और बस तय समयावधि के बाद भी सड़क पर दौड़ रही थी इसलिए बस संचालन करने वाली कंपनी के अधिकारी व कर्मचारी दोषी पाए गए हैं। जांच के बाद कइयों पर गाज गिरनी तय है।
इसलिए पुलिसकर्मी पाए गए हैं दोषी
घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था। वह घटना से कुछ मिनट पहले का ही था। जिसमें कुछ लोगों ने जब इस ई-बस को तेज रफ्तार में बेतरतीब दौड़ते हुए देखा तो पीछा कर उसको रुकवाया था। चालक सतेंद्र यादव को पीटा भी था।
यह घटना टाटमिल चौराहे के पास की है। इस दौरान वहां से कुछ ही दूरी पर पुलिसकर्मी भी मौजूद थे लेकिन उन्होंने घटना का संज्ञान नहीं लिया था। मारपीट कर लोग वहां से चले गए थे। यात्री व कंडक्टर भी उतर गए।
फिर अकेला सतेंद्र बस लेकर वहां से घंटाघर गया और वापस आते वक्त लोगों को रौंद दिया। इस लापरवाही के लिए पुलिसकर्मियों को दोषी बनाया गया है।