सतीश चंद्र मिश्रा बोले कि सरकार ने गाड़ी पलटाकर एक ब्राह्मण को मरवा दिया। खुशी दुबे का पक्ष लेते हुए कहा कि उसके हाथों की मेहंदी भी नहीं उतरी थी और उसे सरकार ने जेल में बंद करा दिया। इसी तरह बड़ी संख्या में ब्राह्मणों को जेल में बंद किया गया है।
बहुजन समाज पार्टी के प्रबुद्ध सम्मेलन में शनिवार को पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने भाजपा पर जमकर हमला बोला। कहा कि भारतीय जनता पार्टी के लोग भगवान श्री राम के नाम पर वोट भी मांगते हैं और नोट भी।
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यहां कल्याणपुर क्षेत्र में एक गेस्ट हाउस में आयोजित सम्मेलन में उन्होंने कहा कि एक तरफ भाजपा भगवान श्री राम का भव्य मंदिर बनवाने का दावा करती है, दूसरी तरफ भगवान राम के नाम पर ही जमीनों का सौदा भी करती है।
उन्होंने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का अंतर है। ब्राह्मणों का वोट पाने के लिए राष्ट्रीय महासचिव ने कुख्यात विकास दुबे की वकालत भी कर डाली। उन्होंने पुलिस मुठभेड़ में मारे गए विकास दुबे के एनकाउंटर को गलत बताया।
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बोले कि सरकार ने गाड़ी पलटाकर एक ब्राह्मण को मरवा दिया। खुशी दुबे का पक्ष लेते हुए कहा कि उसके हाथों की मेहंदी भी नहीं उतरी थी और उसे सरकार ने जेल में बंद करा दिया। इसी तरह बड़ी संख्या में ब्राह्मणों को जेल में बंद किया गया है।
राष्ट्रीय महासचिव ने ब्राह्मणों और प्रबुद्ध वर्ग के लोगों को रिझाने के लिए यह भी कहा कि मंदिरों और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और सुंदरीकरण का काम भाजपा से ज्यादा बसपा सरकार में हुआ है। उन्होंने बताया कि बिठूर क्षेत्र के धर्म स्थलों, सीता रसोई और पनकी के हनुमान मंदिर को व्यवस्थित बनाने में बसपा के शासनकाल में काफी काम हुआ है।
कहा कि मथुरा और काशी में भी धार्मिक स्थलों पर बसपा शासनकाल में बहुत काम कराए गए। आरोप लगाया कि योगी सरकार ने प्रदेश के सैकड़ों को संस्कृत विद्यालयों का बजट बंद कर दिया। इससे विद्यालयों को बंद करना पड़ा। उन्होंने गोरखपुर मठ को लेकर भी कई आरोप लगाए।
पहले पत्नी अब बेटे को राजनीति में उतारा
बसपा के राष्ट्रीय महासचिव ने कुछ दिन पहले एक ब्राह्मण सम्मेलन में अपनी पत्नी कल्पना मिश्रा को और अब शनिवार को अपने इकलौते बेटे कपिल मिश्रा को राजनीति में उतारा। इस मौके पर कपिल मिश्रा ने कहा कि उनके लिए यह बड़ी बात है कि वह राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती के भतीजे और सतीश मिश्र के बेटे हैं। कपिल ने मोदी सरकार की तरफ से किए जा रहे निगमीकरण को लेकर कड़ी आपत्ति जताई। इस मौके पर पूर्व कैबिनेट मंत्री अनंत मिश्रा, देवी तिवारी, रमेश यादव, जिलाध्यक्ष रामशंकर कुरील, मोहन मिश्रा, आरपी शुक्ला, संजय गौतम सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।
ब्राह्मण सम्मेलन प्रबुद्ध सम्मेलन में बदला
बसपा के प्रबुद्घ सम्मेलन को पहले ब्राह्मण सम्मेलन के रूप में आयोजित करने की योजना थी लेकिन ब्राह्मणों की संख्या कम पड़ने पर इसे प्रबुद्घ सम्मेलन में तब्दील किया गया। ब्राह्मणों को सम्मेलन में लाने के लिए पार्टी के विधानसभा प्रत्याशियों और संभावित प्रत्याशियों को टारगेट दिया गया था। सबसे ज्यादा संख्या में लोग बिठूर विधानसभा क्षेत्र से पहुंचे।