बहुजन समाज पार्टी से लोकसभा का चुनाव लड़ चुके कानपुर के नेता अनुभव चक ने भाजपा का दामन थाम लिया है। उन्होंने कहा कि बसपा सुप्रीमो मायावती बाबा साहब अम्बेडकर व मान्यवर कांशीराम साहब के सपनों को पूरा करने की जगह दलित वोटों की खुलेआम नीलामी करने में लगी हैं।
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दलितों की पीड़ा से उनका कोई लेना-देना नहीं रह गया है और पूरी पार्टी को उन्होंने सतीश चंद्र मिश्रा और मायावती परिवार में बदल दिया है। कहा कि ऐसे में मेरा परिवारवादी बसपा में बने रहने का कोई औचित्य नहीं रह गया था। इसलिए अनुभव चक भाजपा में शामिल हो गए हैं।
अनुभव चक वर्ष 2004 में बसपा से कानपुर नगर लोकसभा सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ चुके हैं। इसके साथ ही 2008 में दिल्ली में हुए विधानसभा चुनावों में बसपा का प्रदेश प्रभारी का दायित्व निर्वाहन किया।