कानपुर देहात। राजकीय विद्यालयों की दशा सुधारने के लिए शुरू किए गए अलंकार प्रोजेक्ट के तहत जिले के विद्यालयों का सर्वे पूरा कर लिया गया है। इसमें बिना बाउंड्रीवाल वाले 12 विद्यालय चिह्नित किए गए हैं।
उनमें बाउंड्रीवाल का निर्माण कराने के लिए तीन करोड़ 10 लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया है। जल्द ही कार्यदायी संस्था ग्रामीण अभियंत्रण विभाग बाउंड्रीवाल का निर्माण टेंडर कराकर शुरू कराएगी।
प्रोजेक्ट अलंकार के तहत जिले के राजकीय विद्यालयों को चमकाने की कवायद शुरू की गई है। इसमें अभी हाल में ही विद्यालयों का सर्वे पूरा कराया गया है। जिले में कुल 18 राजकीय विद्यालय हैं। इसमें 12 विद्यालय ऐसे हैं जहां बाउंड्रीवाल नहीं है।
इनमें बाउंड्रीवाल के साथ खेल का मैदान व वाटर हार्वेस्टिंग का सिस्टम बनाया जाएगा। इसके लिए तीन करोड़ 10 लाख की लागत का प्रस्ताव तैयार किया गया है। निर्माण कार्य मनरेगा के तहत होगा।
इसके लिए डीएम जेपी सिंह ने ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को कार्यदायी संस्था नामित किया है। सभी 18 विद्यालयों में 95 काम कराए जाएंगे। इसकी लागत नौ करोड़ 70 लाख रुपये आएगी।
पहले चरण में बाउंड्रीवाल, खेल का मैदान व वाटर हार्वेस्टिंग बनाने का काम पूरा किया जाएगा। ये पूरा होने के बाद जरूरत के हिसाब से शौचालय, अतिरिक्त कक्ष, प्रयोगशालाएं, बहुउद्देशीय हाल, साइकिल स्टैंड, सोलर प्लांट, पुस्तकालय कक्ष आदि बनाए जाएंगे।
इन विद्यालयों में बनेंगी बाउंड्रीवाल
राजकीय हाईस्कूल बारा, करसा, पोलंदर, बचीतपुरवा, बरौली, देवराहट, बेहमई, जोत, मंगलपुर, जैसलपुर, चंपतपुर, डिलौलिया में बाउंड्रीवाल का निर्माण कराया जाना है। बाउंड्रीवाल न होने से इन स्कूलों के परिसर खुले और असुरक्षित हैं। बाउंड्री बनने के बाद अब पौधरोपण कराकर वहां सुंदरीकरण कराया जाएगा।
प्रोजेक्ट अलंकार के तहत राजकीय विद्यालयों का सर्वे पूरा कर लिया गया है। पहले चरण में तीन करोड़ 10 लाख से बाउंड्रीवाल, वाटर हार्वेस्टिंग आदि का काम कराने की तैयारी कर ली गई है। निर्माण कार्य के लिए कार्यदायी संस्था ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को नामित किया गया है।
- अरविंद कुमार द्विवेदी, डीआईओएस