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जानिए कैसे बोर्ड के स्टूडेंटों का भविष्य खतरे में डाल कर बैठे हैं ये स्कूल

Sun, 26 Feb 2017 09:56 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर

सार

- 543 स्कूलों ने नहीं अपलोड किया छात्रों के इंटरनल मार्क्स
- वेबसाइट पर 28 फरवरी तक मार्क्स अपलोड करने की अंतिम तिथि
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विस्तार
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यूपी बोर्ड के इंटर कॉलेजों ने लापरवाही की सारी हदें पार कर दी है। यह पहला मामला नहीं है जब यूपी बोर्ड के इन स्कूलों ने अपनी लापरवाही का इतना बड़ा सबूत दिया है। ऐसा कई बार हो चुका है। ताज्जुब इस बात का है कि यूपी बोर्ड भी ऐसे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाए मामले की जिम्मेदारी स्कूलों पर थोपकर बचता दिख रहा है। जबकि बोर्ड को ऐसे स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए कदम उठाना चाहिए। 
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अकेले कानपुर शहर में 543 स्कूलों ने अभी तक माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर स्टूडेंटों के इंटरनल मार्क्स अपलोड नहीं किए गए हैं। ऐसे ही प्रदेशभर में कई स्कूल हैं। डेडलाइन 28 फरवरी तय की गई है। अब अंतिम तिथि तक जिन स्टूडेंटों के इंटरनल मार्क्स अपलोड नहीं होंगे, उनकी मार्कशीट बोर्ड की तरफ से रोक दी जाएगी। 
 
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स्कूल और बोर्ड के बीच पिस रहे स्टूडेंट

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डीआईओएस विनय मोहन वन ने शनिवार को बताया कि यूपी बोर्ड के संबद्घ स्कूलों को हाईस्कूल के इंटरनल मार्क्स, इंटर के प्रैक्टिकल मार्क्स, खेल और शारीरिक शिक्षा का ग्रेड खुद ही माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर अपलोड करना होता है। एक माह बीतने के बाद भी शहर के 543 स्कूलों ने इंटरनल मार्क्स अपलोड नहीं किए हैं। इन सभी स्कूलों को कई बार रिमाइंडर भी दिया गया, लेकिन अभी भी हालात जस के तस हैं।

आखिर में ऐसे कॉलेजों को लिखित चेतावनी जारी की गई है। अगर 28 फरवरी दोपहर 12 बजे तक इंटरनल मार्क्स अपलोड करने से वंचित रह जाता है तो इसकी जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन की ही होगी। बता दें कानपुर शहर में यूपी बोर्ड से संबद्घ 670 हाईस्कूल और 424 इंटर के स्कूल हैं। इनमें से 339 हाईस्कूल और 204 इंटर स्कूल के प्रधानाचार्यों ने इंटरनल मार्क्स वेबसाइट पर अपलोड नहीं किया है।
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