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‘बुआ ने तकिया से मुंह दबाकर चाकू से गोदा था’

Sat, 25 Feb 2017 01:45 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर

सार

- बुआ के हमले में घायल काव्या ने पुलिस को बताया
- बोली, बुआ तकिया के नीचे चाकू रखकर सोती थी 
- शातिर किशोरी के बार-बार बयान बदलने से उलझी पुलिस
 
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विस्तार
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बुआ मेरे बिस्तर पर मेरे साथ लेटी थी और तकिया से मुंह दबाकर मुझे चाकू से मारा और फिर बाबा के पास चली गई। वह कई दिनों से तकिया के नीचे चाकू लेकर सोती थी। मेरा कोई लड़ाई-झगड़ा भी नहीं हुआ फिर भी उसने मारा और बाबा से झूठ बोल दिया कि कोई मारकर भाग गया। मैंने कमरे में और किसी को भी नहीं देखा। यह बात शुक्रवार को हैलट में भर्ती घायल दिव्या ने पुलिस को बताया। बुआ की दरिंदगी की शिकार हुई काव्या के अभी मजिस्ट्रेटी बयान नहीं हुए हैं। 
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मैनावती मार्ग श्रीराम कृपा इस्टेट निवासी किशोरी लाल की सोलह वर्षीय भांजी ने गुरुवार भोर में अपनी ग्यारह साल की भतीजी काव्या पर ताबड़तोड़ चाकू से वार कर हत्या का प्रयास किया था। पुलिस ने आरोपी किशोरी को गिरफ्तार कर लिया था। हैलट में भर्ती काव्या शुक्रवार होश में आई। उसने परिजनों और पुलिस को आपबीती बताई।

 
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बयानों से उलझी पुलिस

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बयानों से उलझी पुलिस
पुलिस हिरासत में आरोपी किशोरी ने बताया था कि काव्या ने उसे ब्वॉयफ्रेंड के साथ देख लिया था इसलिए उसने उसपर हमला किया था। जबकि शुक्रवार को होश में आई काव्या ने बताया कि बुआ ने उसके मुंह पर तकिया रखी दी और चाकू से कई वार किए। जब बुआ चाकू धोने जा रही थी तभी उसने उसको देखा था। इसके अलावा कमरे में कोई नहीं दिखा। अब घायल के बयानों से गुत्थी उलझ गई है। 

ब्वॉयफ्रेंड उठाए गए
इस मामले में नवाबगंज पुलिस ने श्याम नगर और पड़ोसी युवक सहित चार लड़कों को पूछताछ के लिए उठाया है। सभी ने वारदात में शामिल होने से इनकार किया और उनके मोबाइल की लोकेशन और सीडीआर (कॉल डिटेल) में भी आरोपी से बातचीत की बात सामने नहीं आई है। अब पुलिस को समझ में नहीं आ रहा है कि आरोपी किशोरी अपने ब्वॉयफ्रेंडों का नाम क्यों ले रही है। पुलिस ये भी मान रही है कि मुंह तकिया से दबे होने पर वह दूसरे को देख ही नहीं सकी। पुलिस ने आरोपी किशोरी को महिला थाने भेज दिया है। इंस्पेक्टर एके सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी एसएसपी को दी है।

पुलिस ने नहीं कराया मजिस्ट्रेटी बयान
घायल काव्या की हालत बेहद नाजुक होने के बाद भी नवाबगंज इंस्पेक्टर एके सिंह ने उसका मजिस्ट्रेटी बयान नहीं कराया। जबकि परिजनों ने कई बार मजिस्ट्रेटी बयान कराने के लिए निवेदन भी किया। इसके लिए परिजनों की पुलिस से गहमागहमी भी हुई। पुलिस ने बयानों की सिर्फ मोबाइल रिकॉर्डिंग की है।

मासूम की हालत नाजुक होने से परिजन परेशान
घायल काव्या की हालत अभी भी खतरे से बाहर नहीं है। हैलट के डॉक्टरों की मानें तो गर्दन में चारों तरफ चाकू से कई वार हुए थे जिससे अधिक खून बह गया। 
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