रंग के आधार पर नहीं रखा गया है नाम
हालांकि दोनों ही ज्वार या टाइड्स को प्रभावित करते हैं। स्ट्रॉबेरी मून्स और पिंक मून्स के समान, ब्लू मून का नाम उसके रंग के आधार पर नहीं रखा गया है। इसके बजाय, यह सब समय के बारे में है। दरअसल, यह कभी-कभी होने वाली घटना है। इसलिए इसे ब्लू सुपरमून कहा गया है। बुधवार को इस महीने की दूसरी पूर्णिमा होगी। पहला सुपरमून इस महीने पहली तारीख को था।
ब्लू मून की अलग-अलग परिभाषाएं
ब्लू मून की वर्तमान परिभाषा के अनुसार, एक महीने में आने वाले दूसरे सुपरमून को ब्लू मून कहते हैं। वहीं, एक पुरानी परिभाषा में एक वर्ष में पूर्ण चंद्रमाओं की संख्या का उपयोग किया जाता है। आमतौर पर साल में 12 फुल मून होते थे, लेकिन कभी-कभी एक एक्स्ट्रा भी हो जाता था। कांग्रेस की लाइब्रेरी के अनुसार, कुछ प्रकाशनों, जैसे "मेन फार्मर्स अल्मनैक" ने वर्ष को अलग तरीके से मापा, इसकी शुरुआत दिसंबर के अंत में हुई।
ब्लू सुपरमून दिखना है दुर्लभ
सुपरमून अपने आप में दुर्लभ इवेंट नहीं हैं। आम तौर पर साल में तीन या चार सुपरमून होते हैं। हालांकि, ब्लू मून बहुत आम नहीं हैं। लगभग 33 चंद्रमाओं में से केवल एक ही ब्लू सुपरमून कहलाने के योग्य होता है। ब्लू सुपरमून हर 10 से 20 सालों में दिखाई देता है। नासा के अनुसार, अगला ब्लू सुपरमून 2037 में दिखाई देगा।