2022 में विभाग के पास पहुंची थी दोनों की रिपोर्ट
इस पर विभाग की ओर से कौशाम्बी एसपी और पुलिस कमिश्नर को जांच कराने का आदेश दिया गया। नवम्बर 2022 में दोनों की रिपोर्ट विभाग के पास पहुंची, जिसके अनुसार दोनों ने नौकरी के लिए अनुसूचित जनजाति का फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाकर नौकरी हासिल की थी। वहीं, जब जाति प्रमाण पत्रों की जांच कराई, तो वो फर्जी निकले।
दोनों पर बर्खास्तगी की तलवार भी लटकी
इस पर डिप्टी एसपी ने दोनों पर लखनऊ के हुसैनगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई, जो अब चकेरी थाने में स्थानांतरित की गई है। केस दर्ज होने के बाद दोनों पर बर्खास्तगी की तलवार भी लटकने लगी है। कार्यवाहक थाना प्रभारी गणेश तिवारी ने बताया कि दोनों आरोपियों के चकेरी के होने के चलते केस स्थानांतरित किया गया है। इसकी विवेचना कर कार्रवाई की जा रही है।