कानपुर देहात। शीतलहर से जरूरतमंदों को बचाने के लिए शासन ने 30 लाख रुपये दिए हैं। प्रति कंबल अधिकतम 5 सौ रुपये में खरीदा जा सकता है। इस आधार पर छह हजार कंबलों की खरीद होगी। कम रेट पर कंबल उपलब्धता पर यह संख्या बढ़ सकती है। जेम पोर्टल पर पंजीकृत एजेंसी तय करने के लिए टेंडर की प्रक्रिया जल्द पूरी होगी।
शासन की आपदा मोचक निधि से असहाय व कमजोर वर्ग के लोगों को कंबल बांटे जाते हैं। जिले में छह तहसीलें हैं। प्रति तहसील पांच-पांच लाख रुपये की धनराशि दी गई है। कंबल 235 सेमी लंबा और 140 सेमी चौड़ा होगा। इसका वजन 2.2 किग्रा से कम नहीं होना चाहिए। जिला स्तरीय समिति कंबल खरीद की निगरानी करेगी। इसके अध्यक्ष डीएम हैं। 27 नवंबर को टेंडर खुलेंगे। एडीएम वित्त एवं राजस्व जेपी गुप्ता ने बताया कि कंबल उपलब्ध कराने वाली एजेंसी तय करने की प्रक्रिया की जा रही है। कंबल में ऊन कम से कम 70 फीसदी होगा। पुराने ऊन के प्रयोग वाले कंबल नहीं खरीदे जाएंगे।
अलाव जलवाने के लिए मिले तीन लाख
जिले में तहसील प्रशासन चिह्नित स्थानों पर अलाव जलवाता है। वहीं, नगर निकायों की ओर से भी अलाव जलवाए जाते हैं। शासन ने छह तहसीलों में कुल तीन लाख रुपये अलाव जलवाने के लिए दिए हैं। प्रति तहसील 50 हजार रुपये का आवंटन किया गया है। एडीएम ने बताया कि शीतलहर चलने पर अलाव जलवाए जाएंगे।