बुधवार की सुबह 10 बजे जब नौकर छेदीलाल ने श्वेता के कमरे के बाहर से आवाज दी लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। संदेह होने पर नौकर ने पड़ोस में रहने वाले श्वेता के रिश्तेदार व कुछ पड़ोसियों को बुलाया। इसके बाद जब कमरे का दरवाजा तोड़ा गया तो सामने पंखे के सहारे दुपट्टे से श्वेता का शव लटकते देख सभी के होश उड़ गए। कमरे के बाहर आंगन में श्वेता के दो मोबाइल भी टूटे हुए मिले। एसपी समेत पुलिस अधिकारी, फोरेंसिक टीम व डॉग स्क्वॉड भी मौके पर पहुंचा।
छेदीलाल ने पुलिस को बताया कि मित्तो लखनऊ हॉस्टल में रहती है, गौरी सुबह अपने स्कूल चली गई थी और अविष्का कर्वी में अपनी ननिहाल में है जबकि दीपक का कुछ पता नहीं चल रहा है। उनकी कार भी घटना के वक्त घर पर नहीं थी। मौके पर पहुंचे श्वेता के पिता धर्मवीर सिंह और भाई ओमकार ने दीपक पर ही हत्या का आरोप लगाया है। एसपी के मुताबिक श्वेता और दीपक के बीच रिश्ते ठीक नहीं थे। इसको लेकर मायके व ससुराल पक्ष के बीच पंचायत भी हो चुकी है। उधर, श्वेता के शव का पोस्टमार्टम तीन डाक्टरों के पैनल द्वारा कराया जा रहा है।