बांदा जेल प्रशासन मुख्तार अंसारी के मामले में अदालत का आदेश नहीं मान रहा। यह कहकर टाल रहा है कि शासन की अनुमति से इस आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगे। ऐसे में जब तक हाईकोर्ट कोई आदेश या स्थगन नहीं देता तब तक निचली अदालत के आदेश का पालन होना चाहिए। यह दलील बाहुबली पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी के वकील लियाकत अली ने मीडिया से दी।
वह यहां जेल में बंद अपने मुवक्किल मुख्तार अंसारी से मिलने और वकालतनामे में हस्ताक्षर कराने आए थे। मुख्तार से मिलने के बाद मंगलवार को जेल के बाहर लखनऊ से आए अधिवक्ता लियाकत अली ने पत्रकारों से कहा कि मुख्तार के मामले में बांदा जेल में न्यायालय के किसी आदेश का पालन नहीं हो रहा। जेल अधिकारियों ने सिर्फ इतना लिखा है कि वह शासन की अनुमति से हाईकोर्ट जाएंगे। लेकिन अभी तक नहीं गए न ही कोई स्टे है।