अरविंद राज ने सफाई दी है कि उन पर जो भी मुकदमे हैं, वे सभी बसपा शासनकाल में सियासी दबाव में दर्ज हुए थे। कहा कि वर्ष-2007 के चुनाव में भाजपा को जीत दिलाने के लिए दिनरात एक कर काम किया था, जिससे बसपा को शिकस्त मिली थी।
भाजयुमो के प्रदेश मंत्री बनाए गए अरविंद राज त्रिपाठी उर्फ छोटू के आपराधिक इतिहास के खुलासे के बाद मंगलवार को प्रदेश अध्यक्ष प्रांशु दत्त द्विवेदी ने उन्हें लखनऊ तलब किया। प्रांशु और प्रदेश इकाई के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने उन पर दर्ज मुकदमों की जानकारी ली।
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साथ ही मुकदमों से संबंधित कागजात भी जमा कराए। पदाधिकारियों ने अरविंद राज से करीब एक घंटे पूछताछ की। जानकारी के मुताबिक, उन्होंने अपने अधिवक्ता के जरिये दर्ज सभी मामलों के कागजात पहले से तैयार करा लिए थे।
प्रांशु दत्त के मुताबिक, अरविंद राज ने उन्हें बताया है कि वर्तमान में उन पर कोई मुकदमा नहीं है। सभी मुकदमों में वह दोषमुक्त हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि अरविंद राज से थाने में दोषमुक्त होने का पुलिस का प्रमाण उपलब्ध कराने को कहा गया है।
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अरविंद राज विद्यार्थी परिषद के छात्रनेता थे। छात्र राजनीति में विपक्षी सरकार के खिलाफ संघर्ष के दौरान उन पर मुकदमे दर्ज किए गए थे। उधर, अरविंद राज ने सफाई दी है कि उन पर जो भी मुकदमे हैं, वे सभी बसपा शासनकाल में सियासी दबाव में दर्ज हुए थे।
कहा कि वर्ष-2007 के चुनाव में भाजपा को जीत दिलाने के लिए दिनरात एक कर काम किया था, जिससे बसपा को शिकस्त मिली थी। इसी राजनीतिक द्वेष की वजह से उन पर 16 मुकदमे दर्ज हुए थे। इनमें से 15 मुकदमे खत्म हो चुके हैं। अब सिर्फ एक मुकदमा बचा है। वह भी राजनीति से प्रेरित है। कहा कि जब कोई भी व्यक्ति राजनीति में कदम रखता है तो शुरुआत में बहुत से लोग उसे गिराने की कोशिश करते हैं। वे इसी का शिकार हुए हैं।