एक ओर जहां अवैध बालू खनन को लेकर सीबीआई कई स्थानों पर छापे डाल रही है। वहीं दूसरी ओर चित्रकूट जिले में कुछ राजनीतिक दल के नेताओं के संरक्षण में अवैध बालू खनन का कारोबार चल रहा है।
पहाड़ी क्षेत्र में नदी किनारे हो रहे अवैध खनन में आधा दर्जन युवक पकड़े गए, जिसमें भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष (भाजपा किसान प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष) जय विजय सिंह के पुत्र और भतीजे को भी पकड़ा गया। जिससे अवैध खनन कराने वालों में खलबली मच गई है।
इन चचेरे भाइयों का नाम अवैध खनन में सामने आने पर विपक्षियों को बयानबाजी का मौका मिला है। इस मामले में भाजपा जिलाध्यक्ष और पूर्व जिलाध्यक्ष ने आरोपों को एकदम गलत बताया है। कहा कि साजिशन नाम लिखाया गया है। जिसकी जांच कराने से सच्चाई सामने आएगी।
नाम सामने आने पर चर्चा का बाजार गर्म है
पहाड़ी क्षेत्र के देवल और कलवारा गांव में मंदाकिनी नदी किनारे अवैध खनन की सूचना पर रविवार को राजापुर एसडीएम अश्वनी पांडेय, जिला खनिज अधिकारी मिथलेश पांडेय ने पुलिस टीम के साथ छापा मारा।
टीम ने एक ट्रैक्टर चालक रामपुर कलवारा निवासी भालेंद्र पुत्र जयनारायण से पूछतांछ के आधार पर चार युवकों के नाम बताए गए। जिसमें भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष जय विजय सिंह के पुत्र अजय सिंह और भतीजे रामलखन पुत्र रणविजय का नाम भी सामने आया।
इनके खिलाफ अवैध खनन का मुकदमा पहाड़ी थाने में दर्ज किया गया है। चचेरे भाइयों के नाम सामने आने पर चर्चा का बाजार गर्म है। जिसको लेकर कहा जा रहा है कि राजनीतिक दलों के नेताओं के सरंक्षण में जिले में कई स्थानों पर अवैध खनन का कार्य चल रहा है। सही कार्यवाही की जाए तो कई नाम उजागर हो सकते हैं।
फंसाने और बदला लेने के लिए यह काम किया गया है- भाजपा नेता
जिला खनिज अधिकारी मिथलेश पांडेय ने बताया कि पकड़े गए आरोपी के बताए नाम के अनुसार अवैध खनन करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इस मामले में सपा जिलाध्यक्ष अनुज यादव ने कहा कि सत्ताधारी दल के नेताओं के नाम अवैध खनन में सामने आने से सच्चाई भी लोगों को पता चल गई कि किस तरह भाजपाई दबाव बनाकर अवैध खनन कराते हैं और सपाइयों को बदनाम करते हैं।
भाजपा जिलाध्यक्ष/विधायक चंद्रिका उपाध्याय का कहना कि अवैध खनन में किसी का भी नाम सामने आए उस पर कार्रवाई होनी चाहिए। जयविजय सिंह किसान प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष हैं उनके प्रतिनिधि नहीं हैं। उनका पुत्र अजय नौकरी करता है। उनका परिवार अब गांव में नहीं रहता। घटना के दिन भी वह गांव में नहीं था। मौके पर पकड़े गए ट्रैक्टर चालक के परिजनों से जयविजय के परिवार से दुश्मनी है।
आरोपी को अवैध खनन और अन्य गैरकानूनी काम करने पर जयविजय सिंह ने ही पुलिस शिकायत कर पकड़वाया था इसीलिए उन्हें फंसाने और बदला लेने के लिए यह काम किया गया है। भतीजे के नामजद होने पर कहा कि उनसे भाजपा नेता के परिजनों का कोई लेना देना नहीं है। पुलिस जांच में पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी।