विकास दुबे के असलहे का लाइसेंस फर्जी तरीके से रिन्यूवल करने वाले बाबू पर खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है। एडीएम ने आरोप पत्र थमाया है। पूछा गया है कि आखिर कैसे उन्होंने विकास दुबे का असलहा लाइसेंस निरस्त होने के बावजूद रिन्यू कर दिया था।
कानपुर में डीएम के पूर्व पेशकार शैलेश कुमार त्रिवेदी पर प्रशासनिक जांच का शिकंजा कसना शुरू हो गया है। एडीएम भू अध्यप्ति सत्येंद्र कुमार सिंह ने शैलेश को आरोप पत्र थमाया है। पूछा गया है कि आखिर कैसे उन्होंने बहुचर्चित माफिया व बिकरू कांड के बाद एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में मारे गए विकास दुबे का असलहा लाइसेंस निरस्त होने के बावजूद रिन्यू कर दिया था।
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साथ ही नवीनीकरण के दौरान अपनाई जाने वाली प्रक्रिया और उसके लिए जारी दिशा निर्देशों का पालन क्यों नहीं किया। चार्जशीट मिलने के बाद अब त्रिवेदी का जवाब आने पर जांच अधिकारी आरोपों पर फैसला लेंगे। बता दें, पिछले महीने डीएम विशाख जी ने इस मामले की जांच कर रही एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर शैलेश को डीएम कोर्ट में पेशकार के पद से हटा दिया था। वर्तमान में त्रिवेदी एआरके अभिलेखागार से संबद्ध चल रहे हैं।