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बिकरू कांड :सीडी देखने के लिए जेल में लैपटॉप की व्यवस्था के निर्देश

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कानपुर देहात। बिकरू कांड की केस डायरी आरोपियों तक पहुंचने का मसला हल नहीं हो पा रहा है। अब दो आरोपियों ने अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट में पत्र देकर केस डायरी की फोटो कापी मांगी है, इसमें आने वाला खर्च जमा करने की बात कही है। जबकि सीडी (कॉम्पैक्ट डिस्क) में केस डायरी लेने वाले आरोपियों ने जेल में उसे देखने के लिए लैपटॉप उपलब्ध कराने का अनुरोध अपने वकील के माध्यम से किया है। कोर्ट ने व्यवस्था करने के निर्देश दे दिए हैं।
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बिकरू में दो जुलाई 2020 को कुख्यात विकास दुबे को गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम पर फायरिंग की गई थी। इसमें सीओ समेत आठ पुलिस कर्मी शहीद हो गए थे। मामले की सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट सुधाकर राय की अदालत में चल रही है। गुरुवार को सुनवाई के दौरान शिव तिवारी उर्फ आशुतोष समेत कई आरोपियों के अधिवक्ता संतोष बाजपेई व पवनेश शुक्ला ने कोर्ट को पत्र देकर अनुरोध किया कि केस डायरी की फोटोकॉपी में आने वाले खर्च को वहन करने को तैयार हैं। 2240 पेज की केस डायरी की फोटोकॉपी में आने वाले लगभग खर्च 4650 रुपये खजाने में जमा करने की भी अनुमति मांगी है। साथ ही अनुरोध किया है कि उन्हें केस डायरी की फोटो कापी उपलब्ध कराई जाएं। कोर्ट ने उनके पत्र पर विचार करने का समय दिया है।
वहीं, अन्य आरोपियों के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने कोर्ट को पत्र देकर अनुरोध किया कि जेल में बंद आरोपी कोर्ट की तरफ से दी गई सीडी को देख नहीं पा रहे हैं। इससे न तो वह अपने ऊपर लगे आरोपों को समझ पा रहे हैं और न ही सफाई दे पा रहे हैं। ऐसे में उन्हें जेल के अंदर लैपटॉप या कंप्यूटर सिस्टम उपलब्ध कराया जाए ताकि वह आरोप पत्र को देखकर अपने बचाव के तर्क रख सकें। जिला शासकीय अधिवक्ता राजू पोरवाल ने बताया कि कोर्ट ने जेल अधीक्षक को पत्र लिखकर निर्देश दिया है कि बंदियों को केस डायरी की सीडी दिखाने के लिए व्यवस्था की जाए। मामले में आरोप तय करने को लेकर बहस की तिथि दो नवंबर तय की गई है।
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कोर्ट ने जेल प्रशासन से मांगी रिपोर्ट
कानपुर देहात। बिकरू कांड में आरोपी खुशी दुबे के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने 8 अक्तूबर को कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर केस डायरी की सीडी देखने के लिए लैपटॉप उपलब्ध कराने की मांग की थी। ताकि जेल में बंद खुशी अपने ऊपर पर लगे आरोपों को समझ सके और उनके बाबत अपना पक्ष रखे। खुशी पर वह सभी धाराएं लगाई गई हैं जो विकास और उसके अन्य कुख्यात साथियों पर लगी हैं। मामले की सुनवाई बाल न्यायालय एडीजे 13 शैलेंद्र वर्मा की कोर्ट में चल रही है। अब कोर्ट ने जेल प्रशासन को पत्र लिखकर रिपोर्ट मांगी है कि जेल के अंदर क्या ऐसी सुविधा बंदियों को उपलब्ध कराया जाना संभव है। जेल की रिपोर्ट के बाद खुशी को लैपटॉप उपलब्ध कराने के प्रार्थना पत्र का निस्तारण होगा। इसकी सुनवाई 25 अक्तूबर को होनी है। (संवाद)
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