शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों से सरकार ने जो वादे किए थे, वे अभी तक पूरे नहीं हो सके हैं। कहीं खुशी तो कहीं गम है। शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा की बेटी वैष्णवी, दरोगा अनूप सिंह की पत्नी नीतू समेत अन्य तीन पुलिसकर्मियों की पत्नियों ने नौकरी के लिए आवेदन किया था। जिसमें वैष्णवी, नीतू और सिपाही राहुल के भाई को नौकरी मिल गई।
बिकरू कांड में शहीद हुए दरोगा अनूप सिंह की पत्नी नीतू को लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय में विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) के पद पर नियुक्ति मिल गई है। सोमवार को उन्होंने पदभार ग्रहण कर लिया। आठ शहीदों में से चार के परिजनों को नौकरी मिल चुकी है।
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02 जुलाई 2020 की रात पुलिस ने गैंगेस्टर विकास दुबे की गिरफ्तारी के लिए बिकरू गांव में दबिश दी थी। विकास दुबे व उसके गुर्गों ने हमला कर सीओ बिल्हौर समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी। इसमें मूलरूप से प्रतापगढ़ के ग्राम बेलखरी (उसरहा) मानधाता निवासी दरोगा अनूप सिंह भी थे। दरोगा अनूप सिंह बिठूर थाना क्षेत्र की मंधना चौकी इंचार्ज थे। उनकी पत्नी नीतू सिंह ने ओएसडी पद के लिए आवेदन किया था। दो साल तक चली प्रक्रिया के बाद उनको नियुक्ति मिल गई है। सोमवार को अफसरों ने उनको कार्यभार के बारे में समझाया।
अब बच्चों का भविष्य बन जाएगा
शहीद दरोगा अनूप सिंह की पत्नी ने ओएसडी बनने पर खुशी जताई है। नीतू ने कहा कि जिसको खो दिया, उसकी तो कमी कभी पूरी नहीं की जा सकती लेकिन नौकरी मिलने से बच्चों का भविष्य सही हो जाएगा। नीतू सिंह की बेटी गौरी सिंह कक्षा छह व बेटा सूर्यांश यूकेजी में पढ़ता है। उनके परिवार में ससुर, देवर, जेठ व जेठानी हैं। नीतू सिंह का कहना है कि नौकरी से उनको बहुत ही राहत मिलेगी।
शहीद दरोगा की पहली पोस्टिंग कानपुर में हुई थी
नीतू के अनुसार अनूप सिंह 2004 में कांस्टेबल के पद से पुलिस में भर्ती हुए थे। अपनी मेहनत के बल पर 2015 में दरोगा बने। ट्रेनिंग के बाद दरोगा पद पर उनकी पहली पोस्टिंग कानपुर में 2017 में बाबूपुरवा थाना में हुई। फिर टिकरा चौकी के बाद मंधना चौकी में तैनाती मिली थी।
कहीं खुशी.... कहीं गम ..
शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों से सरकार ने जो वादे किए थे, वे अभी तक पूरे नहीं हो सके हैं। कहीं खुशी तो कहीं गम है। शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा की बेटी वैष्णवी, दरोगा अनूप सिंह की पत्नी नीतू समेत अन्य तीन पुलिसकर्मियों की पत्नियों ने नौकरी के लिए आवेदन किया था। जिसमें वैष्णवी, नीतू और सिपाही राहुल के भाई को नौकरी मिल गई। वहीं सिपाही राहुल कुमार की पत्नी दिव्या भारती दरोगा भर्ती की परीक्षा पास कर मेरठ में ट्रेनिंग कर रही हैं, उनकी ज्वाइनिंग बाकी है। वहीं, एसओ महेश कुमार यादव की पत्नी सुमन का कहना है कि बेटा स्नातक के बाद नौकरी करेगा। दरोगा नेबूलाल, सिपाही जितेंद्र पाल के परिजन और सिपाही सुलतान की पत्नी उर्मिला नौकरी के लिए प्रयासरत हैं। अभी तक केवल प्रक्रिया ही चल रही है।
सीएम से लगाई थी गुहार
अनूप सिंह के परिजनों ने मुख्यमंत्री से कुछ दिन पहले नौकरी दिलाने के लिए गुहार लगाई थी। उन्हें सीएम ने जल्द ही नौकरी का भरोसा दिया था, जिसे अब पूरा कर दिया गया है।