नवविवाहिता पर इतनी सख्त कार्रवाई पर पुलिस सवालों से घिर गई थी। अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने जमानत मिलने के बाद प्रतिक्रिया दी कि खुशी बेगुनाह थी और है। पुलिस ने साजिशन उसको आरोपी बनाकर जेल भेजा था। न्यायालय पर उनको भरोसा था।
भेजा गया खुशी की रिहाई परवाना
खुशी दुबे पर दूसरे की आईडी से लिए गए सिम के उपयोग करने के मामले में बचाव पक्ष ने शुक्रवार को किशोर न्याय बोर्ड के सामने दोनों जमानती पेश कर दिए। इसके बाद बोर्ड ने खुशी की रिहाई का परवाना माती जिला कारागार भेज दिया।
हालांकि मुख्य मामले में जमानत प्रपत्रों के सत्यापन की कार्रवाई पूरी न होने के चलते शुक्रवार को खुशी की रिहाई नहीं हो सकी। बचाव पक्ष के अधिवक्ता शिवाकांत ने बताया कि दोनों जमानती की तस्दीक करते हुए बोर्ड से खुशी का रिहाई परवाना जेल भेज दिया है।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि उन्होंने शुक्रवार दोपहर करीब 3:20 बजे माती जेल में खुशी से मुलाकात की। इस दौरान उसका हालचाल लेने के साथ ही अदालत की कार्यवाही के बारे में खुशी को बताया। खुशी ने रोते हुए आभार व्यक्त किया।