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Khushi Dubey Case: शाम सात बजे होगी खुशी की रिहाई, रोते हुए किया आभार व्यक्त, जेल पहुंचे पिता और बहन

Sun, 22 Jan 2023 12:27 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

बिकरू कांड में जेल में बंद खुशी दुबे की शनिवार शाम सात बजे रिहाई होगी। पहले ही किशोर न्याय बोर्ड में सेंट्रल बैंक शाखा पनकी से सत्यापन रिपोर्ट आ गई है। वहीं, खुशी का रिहाई का परवाना भी बोर्ड से जेल पहुंच चुका है। खुशी के पिता और बहन दोनों जेल पहुंच चुके हैं।
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खुशी दुबे के पिता और बहन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिकरू कांड के मुख्य आरोपी अमर दुबे की पत्नी खुशी दुबे का जमानत के बाद रिहाई का इंतजार भी खत्म हो गया। आज यानी शनिवार को शाम सात बजे आरोपी खुशी दुबे की रिहाई होगी। इसके लिए खुशी के पिता और बहन जेल पहुंच गए हैं।

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जेल से रिहाई के बाद खुशी अपने पनकी स्थित निवास जाएंगी। इससे पहले खुशी ने रोते हुए सभी का आभार व्यक्त किया था। वहीं, परिजनों भी बेहद खुश हैं। उनका कहना है कि समय लगा, लेकिन न्याय मिला है। बता दें कि 29 जून 2020 को खुशी की अमर दुबे से शादी हुई थी।
कार्यक्रम बिकरू गांव में ही हुआ था। दो जुलाई 2020 की रात वारदात हो गई। पुलिस ने आठ जुलाई को खुशी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पुलिस ने हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती समेत 17 धाराओं में खुशी के खिलाफ आरोप तय किए थे।

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नवविवाहिता पर इतनी सख्त कार्रवाई पर पुलिस सवालों से घिर गई थी। अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने जमानत मिलने के बाद प्रतिक्रिया दी कि खुशी बेगुनाह थी और है। पुलिस ने साजिशन उसको आरोपी बनाकर जेल भेजा था। न्यायालय पर उनको भरोसा था।

भेजा गया खुशी की रिहाई परवाना
खुशी दुबे पर दूसरे की आईडी से लिए गए सिम के उपयोग करने के मामले में बचाव पक्ष ने शुक्रवार को किशोर न्याय बोर्ड के सामने दोनों जमानती पेश कर दिए। इसके बाद बोर्ड ने खुशी की रिहाई का परवाना माती जिला कारागार भेज दिया।

हालांकि मुख्य मामले में जमानत प्रपत्रों के सत्यापन की कार्रवाई पूरी न होने के चलते शुक्रवार को खुशी की रिहाई नहीं हो सकी। बचाव पक्ष के अधिवक्ता शिवाकांत ने बताया कि दोनों जमानती की तस्दीक करते हुए बोर्ड से खुशी का रिहाई परवाना जेल भेज दिया है।
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बचाव पक्ष के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि उन्होंने शुक्रवार दोपहर करीब 3:20 बजे माती जेल में खुशी से मुलाकात की। इस दौरान उसका हालचाल लेने के साथ ही अदालत की कार्यवाही के बारे में खुशी को बताया। खुशी ने रोते हुए आभार व्यक्त किया।
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