कानपुर छत्रपति शाहू जी महाराज विवि की गलती की वजह से बीए अंतिम वर्ष के अंग्रेजी के हजारों छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया है। विवि ने वैकल्पिक विषय के प्रश्नों को अनिवार्य और अनिवार्य के प्रश्नों को वैकल्पिक में दे दिया। इस पर छात्रों ने हंगामा किया और परीक्षा दोबारा कराने की मांग की।
विवि में स्नातक द्वितीय, अंतिम वर्ष और परास्नातक की अंतिम वर्ष की परीक्षा चल रही है। गुरुवार को स्नातक अंतिम वर्ष में अंग्रेजी का पेपर था। बहुविकल्पीय होने की वजह से अब विषय के तीनों पेपरों को मिलाकर एक पेपर बनता है। कुल मिलाकर 100 प्रश्न पूछे जाते हैं, जिसमें 70 प्रश्नों को हल करना होता है।
लेकिन, प्रश्न हर पेपर से पूछे जातेे हैं। जैसे अंग्रेजी में पहले पेपर से 33 प्रश्न, दूसरे पेपर को ए और बी में बांटा गया। दोनों से 33-33 प्रश्न पूछे गए, छात्रों को ए या बी में से किसी एक का चुनाव करना होता है। तीसरा पेपर 34 प्रश्नों का होता है।
अब विवि से गलती यह हो गई कि बी जो वैकल्पिक विषय था, उसके प्रश्नों को तीसरे पेपर में बांटा गया और तीसरे पेपर के प्रश्नों को वैकल्पिक विषय में पूछा गया। इसे देखते ही छात्र भड़क गए और सूचना आर्ब्जवर को दी। परीक्षा कन्वीनर डॉ. बीडी पांडेय ने कहा कि दूसरे पेपर में ए भाग में इंडियन इंग्लिश लिटरेचर और बी भाग में हिंदी साहित्य का अंग्रेजी में अनुवाद होता है।
अक्सर छात्र बी भाग को नहीं पढ़ते हैं। इसी वजह से जब वैकल्पिक विषय को अनिवार्य विषय बना दिया गया तो छात्र परेशान हो गए। बाहरी पाठ्यक्रम से प्रश्नों के आने का आरोप लगाया। डॉ. पांडेय ने कहा कि कई केंद्रों से फोन आए हैं। इसकी सूचना विवि को दे दी गई है।