सेंट्रल यूपी और बुंदेलखंड के जिलों में संयुक्त किसान मोर्चा के ‘भारत बंद’ के आह्वान बेअसर रहा। कहीं-कहीं किसानों और विभिन्न किसान संगठनों और राजनीतिक दलों ने प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा। कानपुर में राष्ट्रीय लोकदल, जनता दल यूनाइटेड, ट्रेड यूनियनों और जनवादी महिला संगठनों के कार्यकर्ताओं ने घंटाघर चौराहे से गांधी प्रतिमा फूलबाग तक पदयात्रा निकाली।
सभी ने नए कृषि व श्रमिक कानून को रद्द करने की मांग की। फर्रुखाबाद में क्रिश्चियन कालेज मैदान में एकत्र होकर किसानों ने फतेहगढ़ तक प्रदर्शन कर पैदल जुलूस निकाला। डीएम कार्यालय घेरकर सभा की और प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
शमसाबाद में बाजार में दुकानें बंद कराईं, लेकिन नेताओं के हटते ही दुकानें फिर खुल गईं। इटावा में नई मंडी में फल, सब्जी, गल्ला मंडी पूरी तरह बंद रही। कई जगह सड़कों पर जाम लगाकर ज्ञापन दिया गया। गुप्ता पेट्रोल पंप पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया।
यहां फ्रेंडस कालोनी एसओ व किसान सभा के प्रांतीय महामंत्री मुकुट सिंह व अन्य किसानों से धक्का मुक्की हुई। शास्त्री चौराहे पर पुलिस और पीएसी ने आंदोलनकारियों को बाजार में जाने से रोक दिया। दो घंटे तक आंदोलनकारियों को हिरासत में रखकर छोड़ दिया गया।
भरथना और महेवा में भी किसानों ने जुलूस निकाले। एक दो स्थानों को छोड़कर ज्यादातर कस्बों में बाजार खुले रहे। हरदोई में प्रदर्शन किया और रोके जाने पर सड़क जाम की। बाजार रोज की तरह ही खुले दिखे। उन्नाव में भारत बंद का कोई असर नहीं रहा।
किसान यूनियन के प्रमुख नेताओं के घर पर पुलिस का पहरा रहा। किसान नेताओं ने अधिकारियों को अपनी मांगों का ज्ञापन दिया। कन्नौज के तालग्राम में किसान नेताओं ने दुकानें चंद मिनट के लिए बंद कराईं। इनके जाते ही दुकानें फिर खुल गईं।
गुरसहायगंज में किसान यूनियन कार्यालय को पुलिस ने सुबह ही घेर लिया। इससे कोई निकल नहीं सका। बुंदेलखंड के चित्रकूटधाम मंडल में कुछ संगठनों के धरने और ज्ञापन में ही निपट गया। बाजार कहीं नहीं बंद हुए। व्यापारियों और दुकानदारों ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। महोबा में बुंदेलखंड किसान यूनियन व भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने शांति पूर्वक प्रदर्शन कर सदर तहसील में एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।