देश में जनसंख्या के अनुपात में रोजगार के अवसर पैदा नहीं हो पा रहे हैं। इस कारण पढ़े लिखे लोगों के सामने भी बेरोजगारी का संकट है। आने वाली पीढ़ियां नौकरी की तलाश में भटकने के बजाय खुद का रोजगार स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ें। पढ़ाई के दौरान ही यह विचार करें कि उन्हें किस क्षेत्र में अपना व्यापार या उद्योग स्थापित करना है। काम मांगने के बजाय काम देने वाले बनें। इससे खुद का विकास तो होगा ही राष्ट्र निर्माण में भी सहायक होंगे।
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील वैश्य ने गुुरुवार को यह बात सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) विकास संस्थान फजलगंज, कानपुर में कही। यहां ‘राष्ट्रीय उद्यमिता दिवस’ के अवसर पर कालेज के छात्र छात्राओं के बीच एक दिवसीय औद्योगिक अभिप्रेरणा अभियान का आयोजन किया गया था। लघु उद्योग भारती के संयोजन लाडली प्रसाद ने कहा कि हर इंसान के अंदर उद्यमिता का बीज जन्मजात होता है। फर्क सिर्फ इतना है कि किसी के अंदर ये बीज पहले पनप जाता है तो कुछ के अंदर देर से। कुछ लोग संसाधनों के अभाव में या डर की वजह से उद्यमिता को अपना नहीं पाते। इस डर को दूर करना है। नए उद्यमियों के लिए सरकार की कई योजनाएं हैं। रुचि लेकर इनकी जानकारी हासिल करें और उन्हें पाने का प्रयास करें।
संस्थान के निदेशक उमेश चंद्र शुक्ल ने उद्यमिता विकसित करने के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। तकनीकी सत्र में सहायक निदेशक एसके अग्निहोत्री ने एमएसएमई की ओर से चलाई जा रही योजनाओं जैसे-बार कोड, उद्योग आधार पंजीकरण, तकनीकी उन्नयन, अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय व्यापार मेलों, प्रबंधन आदि के बारे में बताया। जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र के सहायक आयुक्त धर्मेंद्र द्विवेदी ने प्रधान मंत्री रोजगार सृजन योजना व मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के बारे में बताया। लीड बैंक मैनेजर केडी नौटियाल ने कहा कि बैंकों में उन्हीं के आवेदन खारिज होते हैं जो लोन के लिए जरूरी मापदंड नहीं अपनाते या फिर सही दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराते। संचालन संस्थान के उपनिदेशक एलबीएस यादव ने किया।