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Kanpur News: चेक गणराज्य के कारोबारी से ठगी में शक की सुई बैंक कर्मियों पर

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कानपुर। चेक गणराज्य के कारोबारी गैंगेला से हुई पौने दो करोड़ की ठगी के मामले में पांच आरोपी जेल जा चुके हैं जबकि कुछ अन्य की तलाश जारी है। अब तक हुई जांच में शक की सुई बैंक और दस्तावेज बनाने वाले कर्मचारियों पर घूम रही है। आरोपी के दूसरे राज्य का होने के बावजूद आसानी से शहर में बैंक खाता खुल गया। आधार कार्ड, पैन कार्ड व अन्य दस्तावेजों का सत्यापन भी कर दिया गया। पुलिस और पश्चिम जोन की साइबर सेल ने इसकी जांच शुरू कर दी है।
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पनकी औद्योगिक क्षेत्र में फर्जी फर्म वर्धमान खोलकर चेक गणराज्य के कारोबारी गैंगेला से करीब पौने दो करोड़ रुपये की ठगी हुई थी। पनकी पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच की। इसके आधार पर बिहार के सीतामढ़ी निवासी अरविंद महंत यादव, रोहित मुंबई के विजय चांचड़, नौबस्ता के आकाश कुमार, झांसी के अमित शर्मा और बिहार के राम कुमार राय को गिरफ्तार किया। अरविंद महंत यादव के नाम से फर्म बनाई गई थी जिसके खाते में रकम ट्रांसफर हुई थी। राम कुमार राय और प्रतापगढ़ का एक युवक बैंक में गारंटर हैं।
पुलिस प्रतापगढ़ के युवक की तलाश कर रही है। डीसीपी पश्चिम एमएम कासिम आबिदी ने बताया कि अब तक हुई जांच में सामने आया है कि अरविंद महंत यादव और राम कुमार राय मुंबई में ऑटो चलाते थे। उनके दस्तावेजों के सहारे में बैंक खाते खोले गए और केवाईसी अपडेट हुई। ऐसे में शक की सुई बैंक कर्मियों और दस्तावेज बनाने वाले कुछ लोगों पर है। मूलरूप से रहने वाले बिहार के युवक का कैसे आसानी से खाता खुल गया। खाता खुलने के बाद पौने दो करोड़ रुपये ट्रांसफर भी हुए। ऐसे में कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
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पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जांच में सामने आया है कि आरोपी अमित ओम प्रकाश शर्मा आर रोहित विजय चांचड़ गिरोह का संचालन कर रहे थे। दोनों ने 2014 से अब तक कई देशों के कारोबारियों को ठगी का शिकार बनाया है। उनके पास से आए रुपये कहां गए उसकी जांच कराई जा रही है। प्रारंभिक जांच में आरोपियों ने काफी रुपये शेयर मार्केट और क्रिप्टो करेंसी में लगाने की जानकारी हुई है। उनके खातों को देखा जा रहा है। आरोपियों के पास से आए रुपये कहीं हवाला कारोबार में तो नहीं लगे हैं इसकी भी पड़ताल कराई जा रही है।
बैंक खातों के ट्रांसफर और कॉल डिटेल से महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। अब तक हुई जांच में तीन-चार लोग ऐसे हैं जिनके नाम कई मामलों में सामने आ रहे हैं। यह दूसरे राज्यों के हैं लेकिन उनका कहीं न कहीं संबंध प्रदेश के अन्य जिलाें से हुआ है। आरोपियों ने उनके दस्तावेजों का इस्तेमाल खेल करने में किया है।
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