जब तक आग पर काबू पाया गया तब तक सारा सामान जल चुका था। दशिया के अलावा आग ने पड़ोसी असलम खान, अकरम, शफीक, पीरबक्स, रामस्वरूप, कुरैशी के मकानों की गृहस्थी भी जला दी। ग्रामीणों मशक्कत से करीब दो घंटे में आग पर काबू पाया। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंचे दमकल कर्मी भी आग बुझाने में लगे रहे।
दो घंटे देरी से पहुंची दमकल
वधु के भाई राममोहन ने बताया कि रविवार को सुबह करीब तीन बजे आग लग गई थी। अतर्रा के तुर्रा स्थित फायर ब्रिगेड स्टेशन में फोन से करीब चार बजे जानकारी दी गई थी। दमकल गाड़ी दो घंटे देरी से सुबह छह बजे गांव पहुंची। तब तक ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पा लिया गया था। तुर्रा फायर स्टेशन से घटनास्थल हड़हा कबौली की दूरी करीब 11 किलोमीटर है।
अग्निकांड के बावजूद हुई शादी
पुष्पा की बरात रविवार को बिसंडा थाना क्षेत्र के कैरी गांव से आई। शनिवार की रात वधू के घर में आग लगने की जानकारी जैसे ही वर दिनेश के पिता बिंदा प्रसाद को मिली। उन्होंने फोन से वधू पुष्पा की मां दशिया सहित अन्य परिजनों को ढांढस बंधाते हुए हिम्मत से काम लेने की बात कही। उन्होंने रविवार की शाम बरात लेकर आने और वधू पुष्पा के साथ शादी रचाकर वधू को ससुराल ले जाने की बात कही। हाथों में मेहंदी रचाए पुष्पा ने बताया कि उसकी डोली उठने से पहले भगवान ने सब कुछ बर्बाद कर दिया। घर का पूरा सामान जलकर गया है। पुष्पा कई बार बेहोश भी हुई। बताया कि वह पांच भाइयों में इकलौती बहन है। पिता की तीन साल पहले मौत हो जाने पर मां दशिया पिछले आठ महीने से शादी की तैयारी में जुटी थी। पुष्पा के सभी भाई बाहर मजदूरी करते हैं।
घर में कैसे आग लगी, किसी को नहीं मालूम
दशिया ने बताया कि आग कैसे लगी, उसे नहीं पता। रात में सभी लोग सो रहे थे। तभी यह हादसा हुआ। तीन लाख रुपये का दहेज का सामान और जेवर जल गए। घर-गृहस्थी का भी करीब एक लाख रुपये का सामान जल गया। उधर, एसडीएम नरैनी रमेश कुमार ने बताया कि अग्निकांड की जानकारी मिलने पर नायब तहसीलदार आशीष शुक्ला की अध्यक्षता में तीन सदस्यी टीम कानूनगो प्रेमचंद्र शुक्ला, लेखपाल आशुतोष यादव के साथ दो अन्य कर्मचारियों को भेजकर रिपोर्ट मंगाई गई है। पीड़ित परिवारों के खाते में राहत धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी।