बांदा जिले में 17 वर्षीय पुत्री की हत्या में दोषी सौतेली मां अब ताउम्र जेल में रहेगी। अदालत ने उसे आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत से यह फैसला करीब नौ वर्ष बाद आया। दोषी महिला तब से जेल में ही है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के आवास विकास कालोनी में किराये के कमरे में ममता वर्मा रहती थी। उसने मुन्नालाल वर्मा से दूसरी शादी की थी। शादी के कुछ दिन बाद मुन्नालाल की हत्या हो गई। मुन्नालाल की पहली पत्नी मंजू वर्मा से बेटी हुई थी।
मुन्नालाल की हत्या के बाद ममता वर्मा और बेटी नेहा साथ रह रही थीं। 3 जनवरी 2013 की रात नेहा की पीटकर हत्या करने के बाद अपने दो पुरुष सहयोगियों की मदद से ममता ने शव पैलानी में पुल से नीचे केन नदी में फेंक दिया। नेहा के जालौन निवासी ताऊ (मुन्नालाल के बड़े भाई) वाल्मीकि वर्मा ममता और उसके मिलने वाले अवर अभियंता राम प्रसाद कुशवाहा निवासी लखनऊ के विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई।
विवेचना में पुलिस ने नेहा का शव अपने वाहन में ले जाने वाले चालक कुलदीप को भी आरोप पत्र में शामिल किया। तीनों जेल चले गए। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी जावित्री प्रसाद विश्वकर्मा ने 10 गवाह पेश किए।