पूर्व विधायक दलजीत सिंह की यूपी-एमपी स्थित संपत्तियों पर आयकर विभाग की टीमों ने एक साथ छापे मारे। बांदा स्थित आवास को लगभग 48 घंटे खंगाला। ठीक उसी समय गाजियाबाद और इंदौर स्थित संपत्तियों की भी छानबीन की। कानपुर से आई टीम ने बांदा आवास से लगभग साढ़े आठ लाख रुपये, संपत्तियों और खनन संबंधी तमाम अभिलेख कब्जे में ले लिए हैं।
आयकर की टीम ने शनिवार की दोपहर तक डेरा डालकर जांच पड़ताल की। कालूकुआं स्थित पूर्व विधायक के आवास पहुंची टीम ने परिवार के सदस्यों के बाहर जाने पर रोक लगा मोबाइल फोन स्विच ऑफ करा दिए। पूर्व विधायक, उनके भाई मंगल सिंह, दलपत सिंह और परिवार के सात अन्य सदस्यों से पूछताछ की। बेडरूम में टीम को 20 लाख रुपये कैश रखे मिले।
टीम ने इन्हें कब्जे में ले लिया। इसके अलावा जमीनों की खरीद-फरोख्त आदि से संबंधित 13 अभिलेख और खनन संबंधी पर्चियां, डायरियां, कई बैंकों की पासबुक व चेकबुक, कंपनी से जुड़े अभिलेख आदि कब्जे में ले लिए। सूत्रों के मुताबिक, लगभग 10.77 करोड़ की संपत्ति को आयकर विभाग की टीम बेनामी मान रही है। पूर्व विधायक फौरी तौर पर ब्योरा टीम को नहीं दे पाए।
सूत्रों के मुताबिक, मध्य प्रदेश के इंदौर में स्थित दो कंपनियां (डिजियाना प्राइवेट लिमिटेड व कौटिल्या एकेडमी) से पूर्व विधायक के जुड़े तारों के बारे में आयकर ने पड़ताल की। इन कंपनियों में पूर्व विधायक के भाई मंगल सिंह शेयर होल्डर हैं। इस पैसे का इनकम टैक्स बकाया है।
बृहस्पतिवार को ही मध्य प्रदेश की आयकर विभाग टीम ने इंदौर में भी उपरोक्त कंपनियों की जांच-पड़ताल कर कुछ अभिलेख जुटाए हैं। इसी दिन गाजियाबाद स्थित पूर्व विधायक की संपत्तियों के बारे में भी छानबीन की। आयकर टीम ने पूर्व विधायक को बरामद कैश और संपत्तियों आदि के बारे में एक हफ्ते के अंदर साक्ष्यों सहित जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है।