कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी शनिवार की दोपहर 2.50 बजे मंच पर पहुंची। 32 मिनट के संबोधन की शुरुआत उन्होंने बुंदेली भाषा सीखी। कहा कि बुंदेलखंड के सब भइया बहनन को राम-राम और मोड़ियन को बहुत-बहुत प्यार। हमाए बड़े भाग्य है कि हमका आल्हा-ऊदल जैसे वीरन की भूमि पर आवे को मौका मिलो।
महोबा वालों मुझे यहां आकर बहुत खुशी हो रही है और थोड़ा दुख भी है। प्रियंका गांधी ने कहा कि दो सप्ताह पहले वह ललितपुर गईं थीं। जहां खाद के लिए लाइन में लगे दो किसानों की मौत और दो किसानों ने आत्महत्या कर ली थी। वह ललितपुर जाकर उनके परिवार से मिलीं। परिजनों ने बताया कि सिंचाई का पानी नहीं मिल रहा था।
अचानक बारिश होने से वह खुश थे और खाद डालकर अच्छी फसल पैदावार की उम्मीद थी। खाद वितरण केंद्र की लाइन में खड़े होने के बाद भी उन्हें खाद नहीं मिली। जिससे उनकी मौत हो गई। उन्होंने कहा कि सिर्फ बुंदेलखंड में 1,500 किसान आत्महत्या कर चुके हैं। डीजल-पेट्रोल के दाम आसमान पर हैं। बुंदेलखंड में रोजगार न मिलने से पलायन हो रहा है।