इसकी रिपोर्ट तत्काल मुख्यमंत्री को दी गई। सीएम के आदेश पर सोमवार को डिप्टी जेलर वीरेश्वर प्रताप सिंह को निलंबित कर दिया गया। इसके बाद चार बंदी रक्षक महेंद्र सिंह, विजय प्रकाश, रजनीश यादव, अमित को निलंबित कर दिया गया। छह संदिग्ध बंदी रक्षकों को मुख्तार की सुरक्षा से हटा दिया गया।
बंदी रक्षकों को रटाए जा रहे बयान
सूत्र बताते हैं कि मामले के तूल पकड़ने के बाद बड़े अधिकारियों को बचाने की कवायद शुरू हो गई है। सुरक्षा में लगे बंदी रक्षकों को बडे़ अधिकारियों के पक्ष में बयान रटाए जा रहे हैं। जेल सूत्रों के अनुसार पूरी रात मुख्तार की सुरक्षा में लगे बंदी रक्षकों से कहा गया है कि वह इस मामले में बड़े अधिकारियों का नाम न लें।