बांदा जिले की खदानों में जमकर अवैध खनन किया जा रहा है। डीएम ने ग्रामीणों की शिकायत पर जांच कराई तो तीन खदानों में अवैध खनन मिला। तीन पट्टाधारकों पर करीब 25 लाख रुपये जुर्माना किया है। साथ ही नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा है। जुर्माना के लिए एक माह का समय दिया है।
डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल को जिले की कई खदानों में अवैध खनन की शिकायतें मिली थीं। उन्होंने पैलानी तहसीलदार और खनिज निरीक्षक से खप्टिहाकलां खंड दो की जांच कराई। यह खनन पट्टा संजीव साहू के नाम स्वीकृत है। जांच में यहां स्वीकृत क्षेत्र से बाहर 277 घन मीटर अवैध खनन मिला। डीएम ने पट्टाधारक पर दो लाख 49 हजार रुपये जुर्माना किया है।
वहीं खप्टिहाकलां खंड एक दीप्ति गुप्ता के नाम स्वीकृत है। इसमें जांच की गई तो स्वीकृत पट्टा क्षेत्र से बाहर 189 घन मीटर अवैध खनन पाया गया। डीएम ने ठेकेदार पर 1.70 लाख रुपये जुर्माना किया है। नरैनी के कोलावल रायपुर खदान यूफोरिया माइंस एंड मिनरल्स के निदेशक चंद्रशेखर चौरसिया के नाम आवंटित है। यहां नरैनी तहसीलदार और खनिज निरीक्षक ने मौके पर जांच की। जांच में यहां खनन क्षेत्र से बाहर 1712 घन मीटर अवैध खनन मिला। पट्टाधारक पर 20.40 लाख रुपये का जुर्माना किया है। डीएम ने पट्टाधारकों को एक माह के अंदर जुर्माने की राशि जमा करने की हिदायत दी है। साथ ही तीन दिन में स्पष्टीकरण भी मांगा है।