वित्तीय खामियों के चलते रिजर्व बैंक आफ इंडिया (आरबीआई) ने ब्रह्मावर्त कॉमर्शियल कोआपरेटिव बैंक के बैंकिंग लेनदेन पर पर छह महीने के लिए तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। इस दौरान खाताधारकों को एक बार में सिर्फ एक हजार रुपये निकासी की ही इजाजत दी गई है।
आरबीआई के एजीएम अजीत प्रसाद की ओर से जारी किए गए निर्देशों में कहा गया कि बैंक में किसी प्रकार की एफडी कैश करने, निवेश करने पर भी रोक लगाई गई है। नई एफडी करने पर भी रोक है। शहर में बैंक की नौ शाखाएं हैं। जिनमें 37 हजार खाताधारक हैं। बैंक के सीईओ का कहना है कि जल्द ही समस्या का हल निकाला जाएगा। खाताधारकों को घबराने की जरूरत नहीं है। बता दें कि रिजर्व बैंक आफ इंडिया (आरबीआई) कोआपरेटिव बैंकों की निगरानी करता है।
यह पाबंदियां लगाई गईं
-ब्रह्मावर्त कॉमर्शियल को-आपरेटिव बैंक की किसी भी शाखा में 7 जनवरी 2016 तक बैंकिंग कारोबार पर रोक रहेगी।
-इस दौरान बैंक न तो रिजर्व बैंक की अनुमति के बिना संपत्ति बेच सकेंगे और न ही किसी प्रकार का कहीं पर भी निवेश कर सकेगा।
-बैंक से कोई नया लोन भी स्वीकृत नहीं होगा।
-यदि रोक की अवधि के दौरान किसी कि कोई एफडी मैच्योर हो जाती है तो वह संबंधित खाता धारक के नाम से उतनी अवधि के लिए रिन्यू हो जाएगी।
-बैंक की शाखाओं से बचत व चालू खाताधारक एक बार में सिर्फ एक हजार रुपये की निकासी कर सकेंगे।
-बैंक में कोई नई एफडी जमा भी नहीं होगी। यह पाबंदी आरबीआई के अगले निर्देशों तक जारी रहेगी।
शहर में यहां पर हैं बैंक की शाखाएं
किदवईनगर, काकादेव, रतनलाल नगर, यशोदानगर, नयागंज, बर्रा-आठ, लालबंगला, कर्नलगंज सहित 9 बैंक शाखाएं हैं।
तीन बैंकों पर हो चुकी है कार्रवाई
रिजर्व बैंक आफ इंडिया इससे पहले इंडियन मर्केंटाइल बैंक, यूनाइटेड कॉमर्शियल बैंक, फेडरेल बैंक पर भी रोक लगा चुका है।
आज तक बैंक में किसी भी प्रकार का फ्राड या गड़बड़ी नहीं हुई है। आरबीआई ने किस आधार पर बैंक पर रोक लगाई है, इसकी जानकारी निर्देश में भी नहीं दी गई है। बैंक की शाखाओं में हर खाताधारक का रुपया सुरक्षित है। खाताधारकों को घबराने की जरूरत नहीं है। जल्द ही आरबीआई के अफसरों से मिलकर पूरे मामले की जानकारी ली जाएगी।
आशुतोष मिश्रा, सीईओ, ब्रह्मावर्त कॉमर्शियल कोआपरेटिव बैंक
यूसीसी बैंक में हुआ था 32 करोड़ का घपला
कानपुर। यूनाइटेड कॉमर्शियल कोऑपरेटिव बैंक (यूसीसी) में दो साल पहले 32 करोड़ रुपये का घोटाले होने पर आरबीआई ने यूसीसी बैंक पर पाबंदी लगा दी थी। इसमें दो अफसर भी बर्खास्त हुए थे। इसमें बडे़ पैमाने पर लोन देने पर गड़बड़ी के मामले प्रकाश में आये थे। बैंक पर 28 फरवरी 2015 तक का प्रतिबंध बढ़ाया गया था। इस घपले में बैंक के सचिव प्रदीप सहाय और बैंक की मैकरॉबर्टगंज शाखा के प्रबंधक संजय चौरसिया दोषी पाए गए थे। दोनों को बर्खास्त करके उनपर एफआईआर दर्ज कराई गई थी।