कानपुर क्लब में पिछले कई दिन से चल रही रार कोर्ट पहुंच गई है। क्लब के जनरल मैनेजर विनय लेसली डेनियल ने अपने टर्मिनेशन के खिलाफ क्लब के सचिव अतुल अग्रवाल के खिलाफ मुकदमा दाखिल किया है। एक कोर्ट ने अपहरिहार्य कारणों से मुकदमे की सुनवाई में असमर्थता जताते हुए जिला जज कोर्ट से दूसरी कोर्ट में मुकदमा ट्रांसफर करने को कहा। इस पर जिला जज कोर्ट ने दूसरी कोर्ट में मुकदमा ट्रांसफर कर दिया है। इस कोर्ट ने मुकदमे की सुनवाई कर फैसला सुरक्षित कर लिया है।
क्लब के जनरल मैनेजर रहे विनय लेसली डेनियल के अधिवक्ता अवध किशोर त्रिपाठी ने बताया कि डेनियल की तरफ से छह जुलाई को सिविल जज सीनियर डिवीजन की कोर्ट में मुकदमा दाखिल किया गया था। कोर्ट ने अपहरिहार्य कारणों से यह मुकदमा सुनने में असमर्थता जताते हुए जिला जज से दूसरी कोर्ट में ट्रांसफर करने को कहा। सात जुलाई को वकीलों की हड़ताल के कारण मुकदमा ट्रांसफर नहीं हो सका। बुधवार को जिला जज की कोर्ट ने यह मुकदमा अतिरिक्त सिविल जज द्वितीय की कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया। अधिवक्ता त्रिपाठी ने बताया कि जनरल मैनेजर रहे डेनियल ने क्लब सचिव अतुल अग्रवाल के खिलाफ मुकदमा कराया है। इसमें कहा गया है कि 13 जून को कानपुर क्लब में बॉलीवुड भांगड़ा लाइट केनाम से कार्यक्रम था। इसमें बच्चों का प्रवेश प्रतिबंधित था। रात में 11 बजे दो सैन्य अफसर (मुकदमे की अर्जी में दोनों के नाम दिए गए हैं) बच्चों और अन्य लोगों के साथ क्लब आए। यह दोनों अफसर बच्चों के साथ कार्यक्रम में जाने लगे तो सुरक्षाकर्मियों ने रोकते हुए कहा कि बच्चों का प्रवेश प्रतिबंधित है। इस पर दोनों अफसरों ने हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पाकर जनरल मैनेजर मौके पर पहुंचे। उन्होंने सुरक्षाकर्मियों की बात का समर्थन किया तो दोनों अफसरों ने नौकरी से निकलवाने की धमकी देते हुए धक्का-मुक्की कर उन्हें गिरा दिया। फोन कर आर्मी के जवानों को बुलाकर हंगामा कराने लगे। बाद में सचिव अतुल अग्रवाल मौके पर पहुंचे और कार्यक्रम बंद करा दिया। कुछ दिन बाद सचिव अतुल अग्रवाल, क्लब केअन्य पदाधिकारी विपिन गुप्ता, अमित अग्रवाल, शरद सिंघल ने जनरल मैनेजर से दोनों सैन्य अफसरों से माफी मांगने को कहा। इनकार करने पर नौकरी से निकालने की धमकी दी। बाद में एक जुलाई को जनरल मैनेजर को टर्मिनेशन लेटर दिया गया। इसमें टर्मिनेशन की तारीख दो जून दिखाई गई है। जबकि जनरल मैनेजर को 13 जून 2013 को दिए गए गए नियुक्ति पत्र में लिखा गया था कि अगर उन्हें हटाया गया तो हटाने के कारण की जांच कराई जाएगी। तीन महीने का नोटिस देकर उनका पक्ष जाना जाएगा। इसके बाद चार्जशीट देकर हटाया जाएगा। टर्मिनेशन में इन शर्तो का पालन नहीं किया गया है। इसलिए टर्मिनेशन लैटर अवैध घोषित किया जाए। मुकदमे का फैसला न आने तक सर्विस में बाधा न पहुंचाने का स्टे दिया जाए।
जनरल मैनेजर डेनियल को पुरानी कमेटी ने रखा था। वह काम करने लायक नहीं हैं। कार्यकारिणी ने पहले ही उन्हें हटाने का मन बना लिया था। वह झगड़ालू प्रवृत्ति के हैं। गर्मियों की छुट्टी के कारण क्लब में ज्यादा भीड़ और व्यस्तता रहती है। इसलिए नहीं हटाया था। एक जुलाई को उन्हें हटा दिया था। मुकदमा करने में लोग बातें बढ़ा-चढ़ाकर बताते हैं। अब मामला कोर्ट में है। इसलिए ज्यादा कुछ नहीं कहना है।
-अतुल अग्रवाल, सचिव कानपुर क्लब